बिजनेस डेस्क। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ओर से कहा गया है कि लक्ष्मी विलास बैंक (LVB) के शेयर 26 नवंबर यानी 25 नवंबर को मार्केट बंद होने के बाद से सस्पेंड रहेंगे। बता दें कि 27 नवंबर यानी शुक्रवार से लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस इंडिया (DBS India) में मर्जर हो रहा है। केंद्र सरकार ने लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड (Lakshmi Vilas Bank) और डीबीएस इंडिया बैंक (DBS India Bank) के मर्जर को मंजूरी दे दी है। 

रिजर्व बैंक ने दी जानकारी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मर्जर की जानकारी दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ ही अब बैंक पर लागू मोरेटोरियम पीरियड 16 दिसंबर से घटकर 27 नवंबर तक रह गया है। इसके बाद बैंक के कस्टमर्स पर पर निकासी संबंधी कोई लिमिट नहीं रहेगी। यह अभी सरकार ने 25 हजार रुपए तय की थी। साथ ही, 27 नवंबर से लक्ष्मी विलास बैंक के सभी ब्रांच डीबीएस बैंक के नाम से ऑपरेट होंगे। यह जानकारी भी रिजर्व बैंक ने दी है। 

20 लाख जमाकर्ताओं को राहत
बुधवार को कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बैंक के 20 लाख जमाकर्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं 4,000 कर्मचारियों की सेवाएं भी बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी विलास बैंक की वित्तीय हालत को खराब करने वाले लोगों को दंडित किया जाएगा। जावडेकर ने कहा कि बैंक के 20 लाख ग्राहक और 20,000 करोड़ रुपए की जमा राशि अब पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (DBIL) की पूंजी की स्थिति काफी अच्छी है, लेकिन विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली इकाई की ऋण की वृद्धि के लिए वह 2,500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त पूंजी शुरू में ही लाएगी।

17 नवंबर को मोरेटोरियम की हुई थी घोषणा 
इससे पहले सरकार ने 17 नवंबर को रिजर्व बैंक को संकट में फंसे लक्ष्मी विलास बैंक पर 30 दिन की 'रोक' की सलाह दी थी। साथ ही, प्रत्येक जमाकर्ता के लिए 25,000 रुपए की निकासी की सीमा तय की गई थी। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कंपनी कानून, 2013 के तहत लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड में विलय की योजना का मसौदा भी सार्वजनिक किया था। केंद्रीय बैंक ने लक्ष्मी विलास बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया था और केनरा बैंक के पूर्व नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन टी एन मनोहरन को 30 दिन के लिए बैंक का प्रशासक नियुक्त किया था।