सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में सभी घरो में पाइप से शुद्ध पेय जल की सुविधा करने की योजना के लिए 2020-21 में 11,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है

नई दिल्ली: सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में सभी घरो में पाइप से शुद्ध पेय जल की सुविधा करने की योजना के लिए 2020-21 में 11,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में बजट भाषण पढ़ते हुए कहा, ‘‘सभी परिवारों को पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति प्रदान करने के उद्देश्य से 3.60 लाख करोड़ रुपये की ‘जल जीवन अभियान’ योजना स्वीकृत की गयी है।’

जल स्रोतों को फिर किया जाएगा परिपूर्ण

सीतारमण ने कहा कि इस योजना के तहत स्थानीय जल स्रोतों को बढ़ाने, वर्तमान स्रोतों को पुनः जल से परिपूर्ण करने जैसी प्रोत्साहन गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दस लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों को वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इस योजना के तहत योजना वर्ष 2020-21 के दौरान 11,500 करोड़ रुपये के संसाधन भी प्रदान करेगी।’’ ‘जल जीवन अभियान’ के तहत जल संग्रहण के साथ-साथ सरकार जल के खारेपन को कम करने को भी प्रोत्साहन देगी। पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के आम बजट में इसके लिए 10,000.66 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)