रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सख्ती का असर पेटीएम के मुनाफे पर साफ नजर आया। वन 97 कम्युनिकेशंस को वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में 550 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 

Paytm Quarter 4 Results: पेटीएम पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सख्ती का असर उसके मुनाफे पर सीधा पड़ा है। पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। सालाना आधार पर कंपनी को 550 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष यानी 2022-23 की समान तिमाही में भी कंपनी को घाटा हुआ था, लेकिन तब ये नुकसान सिर्फ 167.5 करोड़ रुपए था।

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चौथी तिमाही में पेटीएम का घाटा 228% रहा

वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में Paytm का घाटा इससे पहले की समान तिमाही के मुकाबले 228 प्रतिशत रहा। इसके साथ ही कंपनी के रेवेन्यू में भी गिरावट आई है। जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान पेटीएम का रेवेन्यू 2267 करोड़ रुपए रहा। वहीं, पिछले साल की समान तिमाही में यह 2334 करोड़ रुपए था। मतलब चौथी तिमाही में पेटीएम का राजस्व सालाना आधार पर 3 प्रतिशत नीचे आ गया है।

पूरे वित्त वर्ष में बढ़ा Paytm का रेवेन्यू

पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में Paytm का घाटा 2022-2023 की तुलना में कम हुआ है। 2022-2023 में कंपनी का घाटा 1,776.5 करोड़ रुपए था। जबकि 2023-24 में कंपनी का कुल घाटा 1,422.4 करोड़ रुपए रहा। यानी कंपनी का नुकसान 19 प्रतिशत कम हुआ है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है। 2022-2023 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 7,990 करोड़ रुपए था, जबकि 2023-24 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 9,977 करोड़ रुपए रहा है। यानी कंपनी के कुल राजस्व में 24.9% का इजाफा हुआ है।

खराब नतीजों के बाद भी बढ़ा Paytm का शेयर

पेटीएम के तिमाही नतीजों का असर कंपनी पर ज्यादा नहीं दिखा। खराब नतीजों के बाद भी 22 मई को पेटीएम के शेयर में करीब 5% की तेजी दिखी। पेटीएम का शेयर 17 रुपए के उछाल के साथ 368.85 रुपए पर क्लोज हुए। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप भी उछलकर 23,451 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

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