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210 देशों के 600 बच्चों को पछाड़ा, भारत के होनहार की तारीफ कर रही है दुनिया

बेंगलुरु के सीबीएसई नेशनल पब्लिक स्कूल, कोरामांगला के स्टूडेंट प्रांजल श्रीवास्तव ने इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड में गोल्ड मेडल जीत कर पूरे देश का नाम रौशन कर दिया। 

600 children from 210 countries defeated, the world is praising India's student
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New Delhi, First Published Oct 22, 2019, 2:26 PM IST
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करियर डेस्क। बेंगलुरु के सीबीएसई नेशनल पब्लिक स्कूल, कोरामांगला के स्टूडेंट प्रांजल श्रीवास्तव ने इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड में गोल्ड मेडल जीत कर पूरे देश का नाम रौशन कर दिया। उन्होंने इस वर्ष यूनाइटेड किंगडम में आयोजित इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड में 18वीं रैंक हासिल की। मैथ्स ओलिंपियाड में यह उनकी दूसरी भागीदारी थी। बता दें कि इस इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड में 210 देशों के 600 प्रतिभागी शामिल हुए थे। 

पहली बार साल 2018 में लिया हिस्सा
सबसे पहले प्रांजल ने साल 2018 में मैथ्स ओलिंपियाड में हिस्सा लिया था। इसे दुनिया का सबसे बड़ा और कठिन कॉम्पिटीशन माना जाता है। इसमें प्रांजल ने सिल्वर मेडल जीता था और उनकी रैंक 87 थी। लेकिन इस वर्ष मैथ्स ओलिंपियाड में गोल्ड मेडल जीतने वाले वे सबसे कम उम्र के स्टूडेंट रहे। सीबीएससी ने उनकी इस उपलब्धि पर ट्वीट कर के उन्हें बधाई दी।

क्या है इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड
इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड (आईएमओ) दुनिया भर के हाईस्कूल स्टूडेंट्स के लिए हर साल आयोजित किया जाने वाला वर्ल्ड चैम्पियनशिप मैथेमेटिक्स कॉम्पिटीशन है। हर साल इसका आयोजन अलग-अलग देशों में होता है। पहली बार इस ओलिंपियाड का आयोजन साल 1959 में रोमानिया में हुआ था, जिसमें 7 देशों के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। अब इसका विस्तार 5 महादेशों के करीब 100 देशों तक हो गया है। यह 60वां मैथ्स ओलिंपियाड था जो 11 जुलाई से  22 जुलाई  2019 तक चला। 

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