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इन यूनिक जुड़वां बहनों ने भी बिहार में दिया वोट, एक्टर सलमान खान को बताती हैं अपना भाई

First Published Nov 3, 2020, 4:21 PM IST
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पटना (Bihar) । बिहार विधानसभा के दूसरे चरण में हो रहे चुनाव में आपस में एक-दूसरे से सिर से जुड़ीं जुड़वां बहनें सबा और फराह ने भी वोट दिया है। हालांकि दोनों पोस्टल बैलेट के जरिए कुछ दिन पहले मतदान कर चुकी हैं। सबा-फराह दीघा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता हैं। उन्होंने मतदाताओं से शत-प्रतिशत वोटिंग की अपील की है। बता दें कि दोनों बहनें पटना के समनपुरा में रहती हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर जो प्रेरक कहानियां पोस्‍ट की हैं, उनमें 23 साल की सबा-फराह के भी नाम हैं। वो कहती हैं, जब हम वोट दे सकती हैं तो आप क्यों नहीं? इस बार निर्वाचन आयोग ने दोनों के लिए अलग-अलग वोटर कार्ड जारी किया है। 

सिर से जुड़ी बहनों सबा व फरहा को खुद सलमान भी जानते हैं। उनके बारे में जानकारी होने पर सलमान ने करीब आठ साल पहले दोनों को मिलने के लिए टिकट भेजकर मुंबई बुलाया था। दोनों ने राखी बांधकर भाई बनाया था। खुद सलमान ने भी उन्‍हें बहन माना हैं तथा समय-समय पर दोनों की मदद को आगे आए। वे कहती हैं कि सलमान भाई हमें भुला दें पर हम उन्हें भाई मान चुके हैं और कभी भुला नहीं सकते। 

सिर से जुड़ी बहनों सबा व फरहा को खुद सलमान भी जानते हैं। उनके बारे में जानकारी होने पर सलमान ने करीब आठ साल पहले दोनों को मिलने के लिए टिकट भेजकर मुंबई बुलाया था। दोनों ने राखी बांधकर भाई बनाया था। खुद सलमान ने भी उन्‍हें बहन माना हैं तथा समय-समय पर दोनों की मदद को आगे आए। वे कहती हैं कि सलमान भाई हमें भुला दें पर हम उन्हें भाई मान चुके हैं और कभी भुला नहीं सकते। 

बताते चले कि सबा-फरहा का जीवन संघर्ष भरा रहा है। सिर से जुड़ी होने के कारण हर वक्‍त साथ रहतीं हैं। कुछ बड़ी हुईं तो दोनों को सर्जरी के माध्‍यम से अलग करने की पहल शुरू हुई, लेकिन बात नहीं बनी। 

बताते चले कि सबा-फरहा का जीवन संघर्ष भरा रहा है। सिर से जुड़ी होने के कारण हर वक्‍त साथ रहतीं हैं। कुछ बड़ी हुईं तो दोनों को सर्जरी के माध्‍यम से अलग करने की पहल शुरू हुई, लेकिन बात नहीं बनी। 


परिवार की आर्थिक स्थिति आड़े पर कई जगह से मदद के हाथ बढ़े। सलमान खान भी अपनी इन मुंहबोली बहनों की मदद के लिए तैयार दिखे। लेकिन, जीवन का जोखिम फिर बाधा बनकर खड़ा हो गया। अंतत: दोनों बहनों ने स्थिति से समझौता कर लिया है। कहती हैं, 'साथ रहने की आदत पड़ गई है।'


परिवार की आर्थिक स्थिति आड़े पर कई जगह से मदद के हाथ बढ़े। सलमान खान भी अपनी इन मुंहबोली बहनों की मदद के लिए तैयार दिखे। लेकिन, जीवन का जोखिम फिर बाधा बनकर खड़ा हो गया। अंतत: दोनों बहनों ने स्थिति से समझौता कर लिया है। कहती हैं, 'साथ रहने की आदत पड़ गई है।'


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर इन बहनों के लिए एक दुकान अलॉट किया गया, जिसमें उन्‍होंने मई 2016 में फास्ट फूड ज्वायंट खोला। सब-फरहा का फास्ट फूड ज्वायंट 'वाह-जी सबा-फरहा रेस्टोरेंट ऑन व्हील' चल पड़ा।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर इन बहनों के लिए एक दुकान अलॉट किया गया, जिसमें उन्‍होंने मई 2016 में फास्ट फूड ज्वायंट खोला। सब-फरहा का फास्ट फूड ज्वायंट 'वाह-जी सबा-फरहा रेस्टोरेंट ऑन व्हील' चल पड़ा।


सबा व फराह शकील दोनों बहनों ने पटना में दीघा विधानसभा क्षेत्र से मतदाता बनने के लिए 2015 में आवेदन दिया था। 28 अक्‍टूबर 2015 को पहली वार वोट दी थी। तब, दोनों बहनों के नाम पर एक ही मतदाता पहचान-पत्र पर थे और वे एक वोट ही दे पाई थीं। 


सबा व फराह शकील दोनों बहनों ने पटना में दीघा विधानसभा क्षेत्र से मतदाता बनने के लिए 2015 में आवेदन दिया था। 28 अक्‍टूबर 2015 को पहली वार वोट दी थी। तब, दोनों बहनों के नाम पर एक ही मतदाता पहचान-पत्र पर थे और वे एक वोट ही दे पाई थीं। 


चुनाव बाद दोनों बहनों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई और दो पहचान पत्र व दो वोट देने की मांग की। उनकी मांग को चुनाव आयोग ने माना और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दो वोट डाले। तब उनकी कहानी को चुनाव आयोग ने 13 मई 2019 को ट्वीट भी किया था। जिसे लेकर निर्वाचन आयोग ने इनकी कहानी पोस्ट किया था। यह पहला विधानसभा चुनाव है जब दोनों बहनों ने अलग-अलग वोट डाले हैं। इसलिए इनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।


चुनाव बाद दोनों बहनों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई और दो पहचान पत्र व दो वोट देने की मांग की। उनकी मांग को चुनाव आयोग ने माना और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दो वोट डाले। तब उनकी कहानी को चुनाव आयोग ने 13 मई 2019 को ट्वीट भी किया था। जिसे लेकर निर्वाचन आयोग ने इनकी कहानी पोस्ट किया था। यह पहला विधानसभा चुनाव है जब दोनों बहनों ने अलग-अलग वोट डाले हैं। इसलिए इनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।

दोनों बहनें लगभग 23 साल की हो चुकी हैं। जब एक वोटर कार्ड था तब दोनों मिलकर वोट करती थीं। यानी सबा कहती थी कि बटन दबाओ और फराह बटन दबाती थी। बाद में जब दोनों के अलग-अलग वोटर कार्ड बने तो यह बात भी सामने आई कि वोट की गोपनीयता तो खत्म नहीं हो जाएगी। लेकिन दोनों के शरीर की बनावट ऐसी है कि एक वोट देती है तो उस समय दूसरी देख नहीं पाती है। दोनों के सिर विपरीत दिशा में हैं।
 

दोनों बहनें लगभग 23 साल की हो चुकी हैं। जब एक वोटर कार्ड था तब दोनों मिलकर वोट करती थीं। यानी सबा कहती थी कि बटन दबाओ और फराह बटन दबाती थी। बाद में जब दोनों के अलग-अलग वोटर कार्ड बने तो यह बात भी सामने आई कि वोट की गोपनीयता तो खत्म नहीं हो जाएगी। लेकिन दोनों के शरीर की बनावट ऐसी है कि एक वोट देती है तो उस समय दूसरी देख नहीं पाती है। दोनों के सिर विपरीत दिशा में हैं।
 

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