किसानों के लिए मोदी सरकार की स्कीम, 31 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन कराने वालों को ही मिलेगा फायदा

First Published 1, Jun 2020, 10:03 AM

बिजनेस डेस्क। नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों के फायदे के लिए फसलों की बीमा योजना शुरू की है, ताकि किसी वजह से फसल बर्बाद हो जाती है, तो किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़े। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा कराने के लिए अंतिम तारीख की घोषणा कर दी गई है। जो किसान इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें उक्त तिथि के पहले रजिस्ट्रेशन करा लेना होगा।

<p><strong>किस तरह के नुकसान में मिलता है फायदा</strong><br />
इस योजना में ओला पड़ने, जमीन धंसने, जल भराव होने, बादल फटने और आग लगने से अगर किसान की फसल को नुकसान होता है, तो उसका आकलन कर भुगतान किया जाता है। प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल को नुकसान होने पर उसकी भरपाई के लिए जनवरी, 2016  में केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी।</p>

किस तरह के नुकसान में मिलता है फायदा
इस योजना में ओला पड़ने, जमीन धंसने, जल भराव होने, बादल फटने और आग लगने से अगर किसान की फसल को नुकसान होता है, तो उसका आकलन कर भुगतान किया जाता है। प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल को नुकसान होने पर उसकी भरपाई के लिए जनवरी, 2016  में केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी।

<p><strong> 31 जुलाई से पहले करवाना होगा रजिस्ट्रेशन</strong><br />
खरीफ फसलों के लिए बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2020 है। जिन किसानों ने पहले से कर्ज ले रखा है और बीमा की सुविधा नहीं चाहते हैं, उन्हें अंतिम तिथि से 7 दिन पहले बैंक की शाखा को लिखित सूचन देनी होगी। जिन किसानों ने बैंक से कोई कर्ज नहीं ले रखा है, वे भी सीएससी, बैंक या एजेंट के जरिए बीमा करा सकते हैं। किसान चाहें तो बीमा पोर्टल पर खुद भी फसल बीमा कर सकते हैं।</p>

 31 जुलाई से पहले करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
खरीफ फसलों के लिए बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2020 है। जिन किसानों ने पहले से कर्ज ले रखा है और बीमा की सुविधा नहीं चाहते हैं, उन्हें अंतिम तिथि से 7 दिन पहले बैंक की शाखा को लिखित सूचन देनी होगी। जिन किसानों ने बैंक से कोई कर्ज नहीं ले रखा है, वे भी सीएससी, बैंक या एजेंट के जरिए बीमा करा सकते हैं। किसान चाहें तो बीमा पोर्टल पर खुद भी फसल बीमा कर सकते हैं।

<p><strong>कैसे मिलता है लाभ</strong><br />
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाभ लेने के लिए फसल की बुआई के 10 दिन के भीतर किसान को बीमा योजना के लिए एप्लिकेशन देना होगा। बीमा का लाभ तभी मिलता है, जब किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल खराब हुई हो। ओला पड़ने, भू-स्खलन, बिजली गिरने, आंधी और चक्रवाती तूफान आने से फसल खराब होने पर नुकसान की भरपाई की जाती है। प्राकृतिक आपदा की वजह से अगर फसल की बुआई न की जा सके, तो ऐसी स्थिति में भी लाभ मिलता है।</p>

कैसे मिलता है लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाभ लेने के लिए फसल की बुआई के 10 दिन के भीतर किसान को बीमा योजना के लिए एप्लिकेशन देना होगा। बीमा का लाभ तभी मिलता है, जब किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल खराब हुई हो। ओला पड़ने, भू-स्खलन, बिजली गिरने, आंधी और चक्रवाती तूफान आने से फसल खराब होने पर नुकसान की भरपाई की जाती है। प्राकृतिक आपदा की वजह से अगर फसल की बुआई न की जा सके, तो ऐसी स्थिति में भी लाभ मिलता है।

<p><strong>कितना देना पड़ता है प्रीमियम</strong><br />
इस योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को प्रीमियम देना पड़ता है। खरीफ की फसल के लिए 2 फीसदी और रबी की फसल के लिए  1.5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कर्मशियल खेती और बागवानी के लिए भी सुरक्षा दी जाती है। इसमें किसानों को 5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना होता है। </p>

कितना देना पड़ता है प्रीमियम
इस योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को प्रीमियम देना पड़ता है। खरीफ की फसल के लिए 2 फीसदी और रबी की फसल के लिए  1.5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कर्मशियल खेती और बागवानी के लिए भी सुरक्षा दी जाती है। इसमें किसानों को 5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना होता है। 

<p><strong>किन डॉक्युमेंट्स की है जरूरत</strong><br />
इस योजना का लाभ लेने के लिए एप्लिकेशन देते वक्त किसानों को अपनी एक फोटो, आईडी कार्ड, ऐड्रेस प्रूफ, खेत का खसरा नंबर और खेत में लगी फसल का सबूत देना पड़ता है।  </p>

किन डॉक्युमेंट्स की है जरूरत
इस योजना का लाभ लेने के लिए एप्लिकेशन देते वक्त किसानों को अपनी एक फोटो, आईडी कार्ड, ऐड्रेस प्रूफ, खेत का खसरा नंबर और खेत में लगी फसल का सबूत देना पड़ता है।  

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