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इन गलतियों की वजह से PF से पैसा निकालने में हो सकती है परेशानी, जानें इनके बारे में

First Published Sep 16, 2020, 9:52 AM IST
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बिजनेस डेस्क। कोरोना संकट के दौरान ज्यादातर लोग अपने प्रोविडेंट फंड  (PF) से  पैसा निकाल रहे हैं। प्रोविडेंट फंड से पैसा निकालना ज्यादा मुश्किल नहीं होता, लेकिन इसके लिए क्लेम करने में कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। कुछ गलतियों की वजह से पीएफ विद्ड्रॉल क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है। ऐसे में, यह जानना जरूरी है कि वे कौन-सी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना चाहिए। 
(फाइल फोटो)

बैंक अकाउंट डिटेल
पीएफ क्लेम का पैसा उसी खाते में भेजा जाता है, जो EPFO के रिकॉर्ड में दर्ज होता है। इसलिए विद्ड्रॉल क्लेम करत समय बैंक अकाउंट की डिटेल को ध्यान से भरना चाहिए। इसमें किसी तरह की गलती होने पर एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकता है। 
(फाइल फोटो)

बैंक अकाउंट डिटेल
पीएफ क्लेम का पैसा उसी खाते में भेजा जाता है, जो EPFO के रिकॉर्ड में दर्ज होता है। इसलिए विद्ड्रॉल क्लेम करत समय बैंक अकाउंट की डिटेल को ध्यान से भरना चाहिए। इसमें किसी तरह की गलती होने पर एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकता है। 
(फाइल फोटो)

केवाईसी
अगर किसी अकाउंट होल्डर की केवाईसी (KYC) पूरी नहीं होती है, तो भी विद्ड्रॉल एप्लिकेशन रद्द हो सकता है। केवाईसी डिटेल पूरी होने के साथ वह वेरिफाइड भी होनी चाहिए। ई-सर्विस अकाउंट में लॉगइन कर के मेंबर खुद इसकी जांच कर सकते हैं।  
(फाइल फोटो)

केवाईसी
अगर किसी अकाउंट होल्डर की केवाईसी (KYC) पूरी नहीं होती है, तो भी विद्ड्रॉल एप्लिकेशन रद्द हो सकता है। केवाईसी डिटेल पूरी होने के साथ वह वेरिफाइड भी होनी चाहिए। ई-सर्विस अकाउंट में लॉगइन कर के मेंबर खुद इसकी जांच कर सकते हैं।  
(फाइल फोटो)

जन्म तिथि
अगर किसी की जन्मतिथि EPFO और नियोक्ता के रिकॉर्ड में अलग-अलग दर्ज है, तब भी विद्ड्रॉल एप्लिकेशन कैंसल हो सकता है। इसलिए इसका ठीक होना जरूरी है। 
(फाइल फोटो)

जन्म तिथि
अगर किसी की जन्मतिथि EPFO और नियोक्ता के रिकॉर्ड में अलग-अलग दर्ज है, तब भी विद्ड्रॉल एप्लिकेशन कैंसल हो सकता है। इसलिए इसका ठीक होना जरूरी है। 
(फाइल फोटो)

3 साल तक करा सकते हैं संशोधन
ईपीएफओ ने 3 अप्रैल को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें रिकॉर्ड में दर्ज जन्म तिथि को सही कराने और यूएएन को आधार से जोड़ने के लिए नियमों में ढील दी गई थी। अब जन्मतिथि को 3 साल तक ठीक कराया जा सकता है।  
(फाइल फोटो)
 

3 साल तक करा सकते हैं संशोधन
ईपीएफओ ने 3 अप्रैल को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें रिकॉर्ड में दर्ज जन्म तिथि को सही कराने और यूएएन को आधार से जोड़ने के लिए नियमों में ढील दी गई थी। अब जन्मतिथि को 3 साल तक ठीक कराया जा सकता है।  
(फाइल फोटो)
 

अकाउंट का UAN सें लिंक होना जरूरी
पीएफ से पैसा निकालने के लिए अकाउंट नंबर का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर  (UAN) लिंक्ड होना जरूरी है। इसके अलावा, ईपीएफओ के रिकॉर्ड में दर्ज IFSC नंबर भी सही होना चाहिए।
(फाइल फोटो)


 

अकाउंट का UAN सें लिंक होना जरूरी
पीएफ से पैसा निकालने के लिए अकाउंट नंबर का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर  (UAN) लिंक्ड होना जरूरी है। इसके अलावा, ईपीएफओ के रिकॉर्ड में दर्ज IFSC नंबर भी सही होना चाहिए।
(फाइल फोटो)


 

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