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फेस्टिव सीजन में जियोमार्ट दे रहा है 50 फीसदी छूट, वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों से है टक्कर

First Published Nov 12, 2020, 11:36 AM IST
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बिजनेस डेस्क। दीपावली के त्योहार पर अब खरीददारी जम कर हो रही है। इस मौके पर कई ई-कॉमर्स कंपनियों (E-Commerce Companies) ने एक से बढ़ कर एक ऑफर दिए और सेल शुरू किए। अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) इसमें आगे रहीं। वहीं, मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की  रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) और जियोमार्ट (JioMart) इन ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से टक्कर लेने में लगी हुई है। जियोमार्ट (JioMart) पर कई तरह के प्रोडक्ट्स की सेल की जा रही है और इसमें 50 फीसदी तक की छूट कस्टमर्स को दी जा रही है। मुकेश अंबानी की योजना रिटेल और ई-कॉमर्स के मार्केट पर अपना दबदबा कायम करने की है। 
(फाइल फोटो)
 

भारत के रिटेल मार्केट में रिलायंस है आगे
भारत के रिटेल मार्केट (Retail Market) में रिलायंस आगे है। मुकेश अंबानी ने हाल के दिनों में रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) के लिए 46 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। दुनिया की बड़ी कंपनियों ने मुकेश अंबानी के रिलायंस रिटेल में काफी निवेश किया है। इनमें केकेआर (KKR) और सिल्वर लेक (Silver Lake) जैसी कंपनियां शामिल हैं। आने वाले दिनों में मुकेश अंबानी भारत के रिटेल मार्केट के एकछत्र बादशाह हो सकते हैं।
(फाइल फोटो)
 

भारत के रिटेल मार्केट में रिलायंस है आगे
भारत के रिटेल मार्केट (Retail Market) में रिलायंस आगे है। मुकेश अंबानी ने हाल के दिनों में रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) के लिए 46 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। दुनिया की बड़ी कंपनियों ने मुकेश अंबानी के रिलायंस रिटेल में काफी निवेश किया है। इनमें केकेआर (KKR) और सिल्वर लेक (Silver Lake) जैसी कंपनियां शामिल हैं। आने वाले दिनों में मुकेश अंबानी भारत के रिटेल मार्केट के एकछत्र बादशाह हो सकते हैं।
(फाइल फोटो)
 

भारत का रिटेल मार्केट है काफी बड़ा
भारत में रिटेल मार्केट काफी बड़ा है। दुनिया की तमाम बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों की इस पर नजर है। अमेजन ने भारत में 6.5 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी मॉर्गन स्टेनली  (Morgan Stanley) का अनुमान है कि साल 2026 तक भारत में ई-कॉमर्स कंपनियां 200 अरब डॉलर तक का कारोबार करेंगी। जाहिर है, इसमें मुकेश अंबानी अपनी बढ़त बनाना चाहेंगे। यह बढ़त उन्हें पहले से ही हासिल है। सरकार की नीतियां भी घरेलू रिटेल विक्रेताओं के पक्ष में ही हैं। इससे रिलायंस को फायदा होना तय है।
(फाइल फोटो)
 

भारत का रिटेल मार्केट है काफी बड़ा
भारत में रिटेल मार्केट काफी बड़ा है। दुनिया की तमाम बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों की इस पर नजर है। अमेजन ने भारत में 6.5 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी मॉर्गन स्टेनली  (Morgan Stanley) का अनुमान है कि साल 2026 तक भारत में ई-कॉमर्स कंपनियां 200 अरब डॉलर तक का कारोबार करेंगी। जाहिर है, इसमें मुकेश अंबानी अपनी बढ़त बनाना चाहेंगे। यह बढ़त उन्हें पहले से ही हासिल है। सरकार की नीतियां भी घरेलू रिटेल विक्रेताओं के पक्ष में ही हैं। इससे रिलायंस को फायदा होना तय है।
(फाइल फोटो)
 

सैमसंग के स्मार्टफोन पर रिलायंस ने दी भारी छूट
मुकेश अंबानी की रिलायंस डिजिटल वेबसाइट दूसरी ई-कॉमर्स कंपनियों की तुलना में काफी कम कीमत में सैमसंग (Samsung) के स्मार्टफोन बेच रही है। यह सैमसंग के स्मार्टफोन पर 40 फीसदी तक छूट दे रही है। सैमसंग का फ्लैगशिप मॉडल Samsung S20 रिलायंस पर 43,999 रुपए में उपलब्ध था, वहीं अमेजन पर यह 47,990 रुपए और फ्लिपकार्ट पर 69,999 रुपए में मिल रहा था। जाहिर है, यह प्रतियोगिता आगे और बढ़ेगी। अभी रिलायंस के मुकाबले दूसरी कोई ई-कॉमर्स वेबसाइट प्रोडक्ट्स पर इतनी छूट नहीं दे रही है।  
(फाइल फोटो)
 

सैमसंग के स्मार्टफोन पर रिलायंस ने दी भारी छूट
मुकेश अंबानी की रिलायंस डिजिटल वेबसाइट दूसरी ई-कॉमर्स कंपनियों की तुलना में काफी कम कीमत में सैमसंग (Samsung) के स्मार्टफोन बेच रही है। यह सैमसंग के स्मार्टफोन पर 40 फीसदी तक छूट दे रही है। सैमसंग का फ्लैगशिप मॉडल Samsung S20 रिलायंस पर 43,999 रुपए में उपलब्ध था, वहीं अमेजन पर यह 47,990 रुपए और फ्लिपकार्ट पर 69,999 रुपए में मिल रहा था। जाहिर है, यह प्रतियोगिता आगे और बढ़ेगी। अभी रिलायंस के मुकाबले दूसरी कोई ई-कॉमर्स वेबसाइट प्रोडक्ट्स पर इतनी छूट नहीं दे रही है।  
(फाइल फोटो)
 

विदेशी कंपनियों को प्रतिद्वंद्विता में हो सकती है मुश्किल
साल 2018 के अंत में भारत में विदेशी निवेश के नियमों से अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) का व्यापार कुछ प्रभावित हुआ है। अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को 51 फीसदी लोकल सुपरमार्केट चेन का स्वामित्व हासिल करने की अनुमति नहीं है। यह सीमा 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में लागू है। 
(फाइल फोटो)

विदेशी कंपनियों को प्रतिद्वंद्विता में हो सकती है मुश्किल
साल 2018 के अंत में भारत में विदेशी निवेश के नियमों से अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) का व्यापार कुछ प्रभावित हुआ है। अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को 51 फीसदी लोकल सुपरमार्केट चेन का स्वामित्व हासिल करने की अनुमति नहीं है। यह सीमा 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में लागू है। 
(फाइल फोटो)

ऑनलाइन रिटेल मार्केट को प्रभावित कर सकते हैं अंबानी
रिटेल मार्केट के विश्लेषकों के मुताबिक, जियोमार्ट (JioMart) देश के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर्स बिग बास्केट (BigBasket) और ग्रोफर्स (Grofers) को होड़ में पीछे छोड़ सकता है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में रिलायंस रिटेल अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के ग्रॉसरी, होम और पर्सनल केयर सेगमेंट को भी प्रभावित कर सकता है।
(फाइल फोटो)
 

ऑनलाइन रिटेल मार्केट को प्रभावित कर सकते हैं अंबानी
रिटेल मार्केट के विश्लेषकों के मुताबिक, जियोमार्ट (JioMart) देश के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर्स बिग बास्केट (BigBasket) और ग्रोफर्स (Grofers) को होड़ में पीछे छोड़ सकता है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में रिलायंस रिटेल अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के ग्रॉसरी, होम और पर्सनल केयर सेगमेंट को भी प्रभावित कर सकता है।
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अमेरिकी रिटेलर कंपनियों की साख हो रही कम
भारत में अमेरिकी रिटेलर कपंनियों की साख कम होती जा रही है। उन्हें पहले से ज्यादा कठिन प्रतिद्वंद्विता का सामना करना पड़ रह है। अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस (Jeff Bezos) ने भारत में 6.5 अरब डॉलर के निवेश का निर्णय लिया है। वहीं, भारतीय बाजार में होड़ को देखते हुए वॉलमार्ट ने भारतीय ई-कॉमर्स फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण करने के लिए साल 2018 में 16 अरब डॉलर का अपना सबसे बड़ा सौदा किया था।
(फाइल फोटो)
 

अमेरिकी रिटेलर कंपनियों की साख हो रही कम
भारत में अमेरिकी रिटेलर कपंनियों की साख कम होती जा रही है। उन्हें पहले से ज्यादा कठिन प्रतिद्वंद्विता का सामना करना पड़ रह है। अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस (Jeff Bezos) ने भारत में 6.5 अरब डॉलर के निवेश का निर्णय लिया है। वहीं, भारतीय बाजार में होड़ को देखते हुए वॉलमार्ट ने भारतीय ई-कॉमर्स फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण करने के लिए साल 2018 में 16 अरब डॉलर का अपना सबसे बड़ा सौदा किया था।
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रिलायंस का है रिटेल में 12 अरब डॉलर का हिस्सा
भारत के रिटेल मार्केट में जियोमार्ट (JioMart) और रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) का हिस्सा करीब 12 अरब डॉलर का है। वहीं, अमेजन और फ्लिपकार्ट के पास 14-14 अरब डॉलर की हिस्सेदारी है। इस तरह ये दोनों कंपनियां इस क्षेत्र में आगे हैं। लेकिन जिस तरह से रिलायंस रिटेल अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहा है और इसमें निवेश बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में अंबानी की बादशाहत कायम होनी है। विदेशी कंपनियों के भारत में अभी ग्रॉसरी स्टोर खोलने पर प्रतिबंध है। 
(फाइल फोटो)
 

रिलायंस का है रिटेल में 12 अरब डॉलर का हिस्सा
भारत के रिटेल मार्केट में जियोमार्ट (JioMart) और रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) का हिस्सा करीब 12 अरब डॉलर का है। वहीं, अमेजन और फ्लिपकार्ट के पास 14-14 अरब डॉलर की हिस्सेदारी है। इस तरह ये दोनों कंपनियां इस क्षेत्र में आगे हैं। लेकिन जिस तरह से रिलायंस रिटेल अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहा है और इसमें निवेश बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में अंबानी की बादशाहत कायम होनी है। विदेशी कंपनियों के भारत में अभी ग्रॉसरी स्टोर खोलने पर प्रतिबंध है। 
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