पाकिस्तान में लोगों को 'कोरोना वायरस' से ज्यादा सता रही महंगाई, आटे की किल्लत चावल, चीनी हुए महंगे

First Published 23, Mar 2020, 6:31 PM

बिजनेस डेस्क: कोरोना वायरस के चलते पाकिस्तान में भी लॉकडाउन है जिसके मद्देनजर लोगों ने आटे और जरूरी सामान को जमा करके रखना शुरू कर दिया है। जिससे कराची में ब्रांडेड आटे की भारी कमी हो गई है। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक चावल, दालें, चीनी, घी, कोकिंग ऑयल, चाय की पत्ती, दूध के मुकाबले में आटे की मांग काफी बढ़ गई है। इसका जिम्‍मेदार उन लोगों को माना जा रहा है, जिन्‍होंने लॉकडाउन के मद्देनजर अपने घरों में आटा और अन्य सामान भारी मात्रा में खरीद का स्‍टोर कर लिया है।
 

दरअसल, पाकिस्तान में कुछ लोगों ने सुपर मार्केट्स और बड़ी दुकानों से ज्‍यादा से ज्‍यादा खाने-पीने का सामान खरीद कर रख लिया है। छोटे व्यापारियों ने कहा कि उन्‍हें एक सप्‍ताह के अंतर से आटे की सप्‍लाई मिल रही है। जान-बूझ कर मार्केट में आटे की सप्‍लाई रोक दी गई है। इसके अलावा कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों में आटा बैग होने के बावजूद नए ग्राहकों को आटा बेचने से इंकार कर दिया है।

दरअसल, पाकिस्तान में कुछ लोगों ने सुपर मार्केट्स और बड़ी दुकानों से ज्‍यादा से ज्‍यादा खाने-पीने का सामान खरीद कर रख लिया है। छोटे व्यापारियों ने कहा कि उन्‍हें एक सप्‍ताह के अंतर से आटे की सप्‍लाई मिल रही है। जान-बूझ कर मार्केट में आटे की सप्‍लाई रोक दी गई है। इसके अलावा कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों में आटा बैग होने के बावजूद नए ग्राहकों को आटा बेचने से इंकार कर दिया है।

व्यापारियों कहा कि उन्हें आटा मुहैया कराने के लिए उन्‍हें दिन में कई बार मिलों और उनके वितरकों को फोन करना पड़ रहा है, लेकिन वह जरूरत भर आटे का निर्यात करने के लिए भी एक सप्ताह का समय ले रहे हैं। हालांकि खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि कई अमीर लोगों ने अपने घरों में इतना ज्‍यादा आटा जमा कर लिया है, जो ईद-उल-फितर तक काम आ सकता है। दूसरी ओर आटे की कीमत बढ़ने के बावजूद सरकारें नोटिस लेने में नाकाम हैं।

व्यापारियों कहा कि उन्हें आटा मुहैया कराने के लिए उन्‍हें दिन में कई बार मिलों और उनके वितरकों को फोन करना पड़ रहा है, लेकिन वह जरूरत भर आटे का निर्यात करने के लिए भी एक सप्ताह का समय ले रहे हैं। हालांकि खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि कई अमीर लोगों ने अपने घरों में इतना ज्‍यादा आटा जमा कर लिया है, जो ईद-उल-फितर तक काम आ सकता है। दूसरी ओर आटे की कीमत बढ़ने के बावजूद सरकारें नोटिस लेने में नाकाम हैं।

उधर पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन (सिंध जोन) के एक सदस्य ने कहा कि मिलें दिन-रात नए गेहूं पीस रही हैं, लेकिन वे खरीदारों की बढ़ती मांग का मुकाबला नहीं कर सकतीं, क्योंकि यह हर मिल की अपनी उत्पादन क्षमता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा परिवार जिसकी जरूरत हर महीने 10 से 20 किलोग्राम आटा होती है, वे 40 से 60 किलोग्राम आटा ले चुके हैं।

उधर पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन (सिंध जोन) के एक सदस्य ने कहा कि मिलें दिन-रात नए गेहूं पीस रही हैं, लेकिन वे खरीदारों की बढ़ती मांग का मुकाबला नहीं कर सकतीं, क्योंकि यह हर मिल की अपनी उत्पादन क्षमता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा परिवार जिसकी जरूरत हर महीने 10 से 20 किलोग्राम आटा होती है, वे 40 से 60 किलोग्राम आटा ले चुके हैं।

हालांकि, उन्‍होंने ग्राहकों को इस तरह आटा की खरीदारी से मना किया। उन्होंने कहा कि जिनकी तनख्‍वाह महीने के अंत में खत्‍म हो जाती है, उन्‍होंने भी ज्‍यादा आटा खरीद कर रख लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद मिल वालों ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं।

हालांकि, उन्‍होंने ग्राहकों को इस तरह आटा की खरीदारी से मना किया। उन्होंने कहा कि जिनकी तनख्‍वाह महीने के अंत में खत्‍म हो जाती है, उन्‍होंने भी ज्‍यादा आटा खरीद कर रख लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद मिल वालों ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं।

बता दें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 799 हो गई है। देश के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार इस वायरस के चलते पाकिस्तान में मरने वालों की संख्या कम से कम पांच है और छह लोग उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं।

बता दें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 799 हो गई है। देश के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार इस वायरस के चलते पाकिस्तान में मरने वालों की संख्या कम से कम पांच है और छह लोग उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं।

भारत में भी इस वैश्विक महामारी से खतरे के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 19 मार्च की रात को देशवासियों को संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने ने कहा था कि जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है, उसे जुटाने की होड़ करने से बचें।

भारत में भी इस वैश्विक महामारी से खतरे के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 19 मार्च की रात को देशवासियों को संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने ने कहा था कि जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है, उसे जुटाने की होड़ करने से बचें।

लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लोगों के Panic खरीदारी करते हुए कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुई जिसमें कई लोग स्टोर्स में पैनिक buying करते दिखे और काफी सारे लोग सामान जुटाने में लग गए।

लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लोगों के Panic खरीदारी करते हुए कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुई जिसमें कई लोग स्टोर्स में पैनिक buying करते दिखे और काफी सारे लोग सामान जुटाने में लग गए।

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