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पोस्ट ऑफिस में बदल गया ये नियम, कहीं आप पर तो नहीं पड़ने जा रहा इसका असर!

First Published Jun 28, 2020, 2:49 PM IST
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बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस ने कई तरह की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स चला रखी है। सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) पोस्ट ऑफिस की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसमें सालाना ब्याज दर 7.6 फीसदी है। इतना ज्यादा ब्याज कम ही बचत योजनाओं में मिल पाता है। पोस्ट ऑफिस की योजना होने के कारण इसमें किया गया निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है। इस योजना में बेटी के नाम 14 साल तक निवेश करने पर 21 साल की उम्र में एक अच्छी-खासी रकम मिल जाती है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने सुकन्या समृद्धि योजना के कुछ नियमों में बदलाव किया है, जिनके बारे में जानना जरूरी है। 

खाता संचालन के लिए 18 साल का होना जरूरी
नियमों में किए गए बदलाव के तहत अब कोई लड़की 18 साल की उम्र से पहले अपने खाते का संचालन नहीं कर सकती। पहले 10 वर्ष की उम्र से ही कोई लड़की इस योजना में अपने खाते का संचालन कर सकती थी। अब लड़की की उम्र 18 साल होने तक अभिभावक उसके खाते का संचालन करेंगे।

खाता संचालन के लिए 18 साल का होना जरूरी
नियमों में किए गए बदलाव के तहत अब कोई लड़की 18 साल की उम्र से पहले अपने खाते का संचालन नहीं कर सकती। पहले 10 वर्ष की उम्र से ही कोई लड़की इस योजना में अपने खाते का संचालन कर सकती थी। अब लड़की की उम्र 18 साल होने तक अभिभावक उसके खाते का संचालन करेंगे।

अकाउंट नहीं होगा डिफॉल्ट
पहले सुकन्या समृद्धि योजना में एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपए की रकम नहीं जमा करने पर अकाउंट डिफॉल्ट घोषित कर दिया जाता था। अब नए नियम के लागू होने पर ऐसा नहीं होगा। अब डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम पर वही ब्याज मिलेगा, जो स्कीम में तय होगा।
 

अकाउंट नहीं होगा डिफॉल्ट
पहले सुकन्या समृद्धि योजना में एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपए की रकम नहीं जमा करने पर अकाउंट डिफॉल्ट घोषित कर दिया जाता था। अब नए नियम के लागू होने पर ऐसा नहीं होगा। अब डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम पर वही ब्याज मिलेगा, जो स्कीम में तय होगा।
 

कब कराया जा सकता अकाउंट बंद
नए नियमों के मुताबिक, जिस बच्ची के नाम अकाउंट खोला गया है, अगर उसकी मौत होने पर या सहानुभूति के आधार पर अकाउंट को समय से पहले बंद कराया जा सकता है।  सहानुभूति से यहां मतलब है कि अकाउंट होल्डर को कोई गंभीर और जानलेवा बीमारी हो गई हो या अभिभावक की मौत हो गई हो। 

कब कराया जा सकता अकाउंट बंद
नए नियमों के मुताबिक, जिस बच्ची के नाम अकाउंट खोला गया है, अगर उसकी मौत होने पर या सहानुभूति के आधार पर अकाउंट को समय से पहले बंद कराया जा सकता है।  सहानुभूति से यहां मतलब है कि अकाउंट होल्डर को कोई गंभीर और जानलेवा बीमारी हो गई हो या अभिभावक की मौत हो गई हो। 

पहले क्या था नियम
इस मामले में पहले यह नियम था कि अगर खाताधारक की मौत हो गई हो या बच्ची का निवास स्थान बदल गया हो, सिर्फ तभी खाता बंद कराया जा सकता था।
 

पहले क्या था नियम
इस मामले में पहले यह नियम था कि अगर खाताधारक की मौत हो गई हो या बच्ची का निवास स्थान बदल गया हो, सिर्फ तभी खाता बंद कराया जा सकता था।
 

दो लड़कियों के लिए खोला जा सकता है खाता
योजना के तहत एक परिवार की दो लड़कियों के नाम यह खाता खोला जा सकता है। सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र के साथ एक शपथ पत्र भी देना जरूरी कर दिया गया है। इसके पहले अभिभावक को सिर्फ मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता था। 

दो लड़कियों के लिए खोला जा सकता है खाता
योजना के तहत एक परिवार की दो लड़कियों के नाम यह खाता खोला जा सकता है। सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र के साथ एक शपथ पत्र भी देना जरूरी कर दिया गया है। इसके पहले अभिभावक को सिर्फ मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता था। 

वित्तीय वर्ष के अंत में जमा होगा ब्याज
नए नियमों के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज वित्तीय वर्ष के अंत में जमा किया जाएगा। इसके अलावा, इस खाते में गलत तरीके से जमा किए गए ब्याज को वापस करने के नियम को खत्म कर दिया गया है। अब इस योजना में ब्याज दर सभी डिफॉल्ट खातों पर लागू होती है। 
 

वित्तीय वर्ष के अंत में जमा होगा ब्याज
नए नियमों के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज वित्तीय वर्ष के अंत में जमा किया जाएगा। इसके अलावा, इस खाते में गलत तरीके से जमा किए गए ब्याज को वापस करने के नियम को खत्म कर दिया गया है। अब इस योजना में ब्याज दर सभी डिफॉल्ट खातों पर लागू होती है। 
 

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