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अंतरिक्ष में पहला सैन्य अभ्यास कर फ्रांस ने रचा इतिहास, जानें 18 मिशनों से जुड़ी सभी जरूरी बातें

First Published Mar 13, 2021, 1:05 PM IST
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करियर डेस्क. Frances first military exercise in space: हाल में फ्रांस ने अंतरिक्ष में दुनिया का पहला सेना अभ्यास करके दुनिया भर को हैरान कर दिया है। क्योंकि आमतौर पर सेनाएं मैदानों और समुद्रों में युद्धाभ्यास करती हैं। लेकिन फ्रांस ने जब अंतरिक्ष में सैन्य अभ्यास किया तो ये इतिहास बन गया। ये सैन्य अभ्यास 08 मार्च को शुरू होकर 12 मार्च को पूरा हुआ, जिसके बाद दुनियाभर में इसकी चर्चा हो रही है। स्टूडेंट्स होने के नाते आपको फ्रांस के इस कदम के बारे में विस्तार से जानना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस अभ्यास से जुड़ी सभी डिटेल्स-

फ्रांस के नव निर्मित स्पेस कमांड के प्रमुख मिशेल फ्राइडलिंग ने पृथ्वी की कक्षा में अपने उपग्रहों के साथ-साथ अन्य रक्षा उपकरणों पर हमला करने की क्षमता का परीक्षण करने के लिए ये सैन्य अभ्यास किया है। ये सैन्य अभ्यास फ्रांसीसी सेना के साथ-साथ पूरे यूरोप के लिए पहली बार है।

फ्रांस के नव निर्मित स्पेस कमांड के प्रमुख मिशेल फ्राइडलिंग ने पृथ्वी की कक्षा में अपने उपग्रहों के साथ-साथ अन्य रक्षा उपकरणों पर हमला करने की क्षमता का परीक्षण करने के लिए ये सैन्य अभ्यास किया है। ये सैन्य अभ्यास फ्रांसीसी सेना के साथ-साथ पूरे यूरोप के लिए पहली बार है।

इस अभ्यास को एस्टरएक्स-2021 नाम दिया गया, जो 1965 में छोड़ी गई फ्रांस की पहली सैटेलाइट के नाम पर है। इस अभ्यास को एक ऑपरेशन कक्ष में 18 सिम्युलेटेड घटनाओं के आधार पर कार्यान्वित किया जाएगा। इसमें अभ्यास में जर्मनी और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

इस अभ्यास को एस्टरएक्स-2021 नाम दिया गया, जो 1965 में छोड़ी गई फ्रांस की पहली सैटेलाइट के नाम पर है। इस अभ्यास को एक ऑपरेशन कक्ष में 18 सिम्युलेटेड घटनाओं के आधार पर कार्यान्वित किया जाएगा। इसमें अभ्यास में जर्मनी और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

दरअसल, फ्रांस अंतरिक्ष में अभ्यास कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी स्पेस पावर बनाना चाहता है। इसके तहत उसने स्पेस में जासूसी और एंटी सैटेलाइट्स का पता लगाया। अभ्यास के दौरान 18 अंतरिक्ष मिशन की टेस्टिंग की गई।

दरअसल, फ्रांस अंतरिक्ष में अभ्यास कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी स्पेस पावर बनाना चाहता है। इसके तहत उसने स्पेस में जासूसी और एंटी सैटेलाइट्स का पता लगाया। अभ्यास के दौरान 18 अंतरिक्ष मिशन की टेस्टिंग की गई।

अभ्यास का मकसद अंतरिक्ष में मौजूद अपने उपकरणों पर किसी अन्य देश या स्पेस की घटनाओं से होने वाले खतरे की आशंका का पता लगाना था। फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली ने कहा, ‘हमारे सहयोगी और विरोधी अंतरिक्ष का सैन्यीकरण कर रहे हैं। इसलिए फ्रांस ने रूस और अमेरिका के साथ अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए एंटी-सैटेलाइट लेजर हथियार और नई निगरानी क्षमताओं को विकसित करने की योजना बनाई है।’

 

अभ्यास का मकसद अंतरिक्ष में मौजूद अपने उपकरणों पर किसी अन्य देश या स्पेस की घटनाओं से होने वाले खतरे की आशंका का पता लगाना था। फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली ने कहा, ‘हमारे सहयोगी और विरोधी अंतरिक्ष का सैन्यीकरण कर रहे हैं। इसलिए फ्रांस ने रूस और अमेरिका के साथ अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए एंटी-सैटेलाइट लेजर हथियार और नई निगरानी क्षमताओं को विकसित करने की योजना बनाई है।’

 

37 हजार करोड़ निवेश करेगा फ्रांस

 

फ्रांस की स्पेस फोर्सेज कमांड, कमांडेंट डी एल’ईस्पेस (सीडीई) का गठन 2019 में किया गया था। 2025 तक इसमें 500 कर्मियों को अंतरिक्ष में तैनात किया जाएगा। फ्रांस 2025 तक अंतरिक्ष कार्यक्रम में 4.3 अरब यूरो (37,305 करोड़ रुपए) निवेश करेगा। यह निवेश चीन या संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा खर्च की गई राशि का एक अंश है।

37 हजार करोड़ निवेश करेगा फ्रांस

 

फ्रांस की स्पेस फोर्सेज कमांड, कमांडेंट डी एल’ईस्पेस (सीडीई) का गठन 2019 में किया गया था। 2025 तक इसमें 500 कर्मियों को अंतरिक्ष में तैनात किया जाएगा। फ्रांस 2025 तक अंतरिक्ष कार्यक्रम में 4.3 अरब यूरो (37,305 करोड़ रुपए) निवेश करेगा। यह निवेश चीन या संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा खर्च की गई राशि का एक अंश है।

कुछ जरूरी बातें

 

जर्मन अंतरिक्ष और अमेरिकी अंतरिक्ष बल एजेंसियां भी फ्रांसीसी अभ्यास में भाग लेती रही हैं। फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली ने यह कहा था कि, हमारे सहयोगी और विरोधी अंतरिक्ष का सैन्यीकरण कर रहे हैं। फ्रांस ने रूस, अमेरिका और चीन के साथ अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए एंटी-सैटेलाइट लेजर हथियार और नई निगरानी क्षमताओं को विकसित करने की योजना बनाई है।

कुछ जरूरी बातें

 

जर्मन अंतरिक्ष और अमेरिकी अंतरिक्ष बल एजेंसियां भी फ्रांसीसी अभ्यास में भाग लेती रही हैं। फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली ने यह कहा था कि, हमारे सहयोगी और विरोधी अंतरिक्ष का सैन्यीकरण कर रहे हैं। फ्रांस ने रूस, अमेरिका और चीन के साथ अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए एंटी-सैटेलाइट लेजर हथियार और नई निगरानी क्षमताओं को विकसित करने की योजना बनाई है।

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