MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • वेब स्टोरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • सरकारी योजनाएं
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • फोटो
  • Home
  • Career
  • Education
  • इंटरव्यू में गांव के लड़के से पूछा भारत में काले-गोरे में भेदभाव क्यों ? एक सटीक जवाब देकर बना IAS

इंटरव्यू में गांव के लड़के से पूछा भारत में काले-गोरे में भेदभाव क्यों ? एक सटीक जवाब देकर बना IAS

बाड़मेर. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा ( UPSC Civil Services Exam ) के इंटरव्यू में आपके डीएएफ ( UPSC DAF ) और करंट अफेयर से जुड़े तमाम पहलुओं को लेकर आपकी तैयारी ही आपकी सफलता तय करती है। इंटरव्यू में उम्मीदवार की नॉलेज का नहीं बल्कि उसकी अवेयरनेस का टेस्ट होता है। अगर इंटरव्यू बोर्ड में से कोई सदस्य आपके जवाब पर काउंटर कर दें तो आप क्या कहेंगे? डीएएफ और कंरट अफेयर्स के हर पहलू के बारे में सोचना चाहिए। अगर आपने परीक्षा पास कर ली लेकिन आप इंटरव्यू में फेल हो गए तो सारी मेहनत बेकार है। इसलिए आईएएस बनने के लिए इंटरव्यू भी उतना ही जरूरी होता है। ऐसे ही एक गांव से आने वाले एक गरीब लड़के से जब रंगभेद को लेकर सवाल पूछा गया तो उसके होश उड़ गए। इसने सोचा भी नहीं था रोजमर्रा जिंदगी में जो हम अपने आपस-पास देखते हैं वो मेरे इंटरव्यू का सवाल भी हो सकता है? हालांकि वो इसका सही जवाब देकर अधिकारियों का दिल जीत ले गया। आईएएस सक्सेज स्टोरी (IAS Success Story) में हम आपको आज हिन्दी मीडियम से 33वीं रैंक हासिल करने वाले आईएएस गंगा सिंह की सफलता की कहानी सुना रहे हैं। 

4 Min read
Author : Asianet News Hindi
| Updated : Apr 22 2020, 11:43 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
18

गंगा सिंह राजस्थान के छोटे से जिले बाड़मेर के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने गांव से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और 10 वीं कक्षा में स्कूल में टॉप किया था। 12वीं में भी टॉप करके पूरे जिले में 6th स्थान पाया। इसके बाद गंगा B.SC. के लिए जोधपुर चले गए। स्नातक करने के समय उनके माता-पिता (विशेष रूप से दादा) ने उन्हें करियर विकल्प के रूप में सिविल सेवा को चुनने के लिए प्रेरित किया। सलाह पर अमल करते हुए गंगा ने बीएससी फाइनल इयर के दौरान NCERT Books पढ़ना शुरू कर दिया था। B.SC. के अंतिम वर्ष तक उन्होंने सिविल सेवा करने की ठान ली थीं। गंगा ने आईएएस बनने की अपनी पूरी स्ट्रेटजी भी लोगों को बताई। 

28

ग्रुप स्टडी बहुत जरूरी

 

 

गंगा ने बताया कि, मैंने विशेष रूप से अपने वरिष्ठ साथी और सहपाठियों के साथ जेएनयू में ग्रुप स्टडी का पालन किया। देश में चल रहे वर्तमान मामलों पर मेरी नज़र थी। मैंने विभिन्न कोचिंग संस्थानों द्वारा आयोजित कुछ mock interviews में भाग लिया, जिनमें से कुछ बहुत अच्छे थे। हालांकि, यूपीएससी और कोचिंग संस्थान द्वारा आयोजित साक्षात्कार पूरी तरह से अलग थे, लेकिन किसी परीक्षार्थी को कम से कम एक या दो मॉक इंटरव्यूजरूर देना चाहिए, इससे confidence बढ़ता है। 

38

मेरा वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य था। मैं इस विषय में जेएनयू से एम.ए.ए. किया था, इसलिए इसे संभालना मेरे लिए बहुत आसान था। हालांकि, सभी वैकल्पिक विषय अच्छे हैं –सामग्री की उपलब्धता और उस विषय में आपकी रुचि किसी भी वैकल्पिक विषय को चुनने के लिए आधार होना चाहिए।

48

नोटस् बनाए- 

 

 

मैंने अपने वैकल्पिक विषय के छोटे नोट्स बनाए जो सिर्फ सारांश-प्रकार (summary kind of) के थे। मेरे अनुसार, हमें केवल जटिल विषयों के लिए नोट्स बनाने की कोशिश करनी चाहिए। मैंने अधिक से अधिक revision किया ताकि मैं चीजों को याद कर सकूं. परीक्षा के दौरान सामग्री को रिवाइज करने के कई फायदे हैं, यह गति और लिखावट में सुधार करने में मदद करता है। इसी कारण से मैंने अपने नोट्स को छोटे रूप में तैयार किया।

58

मेन्स की तैयारी कैसे की? 

 

मैंने पहले अटेंप्ट में बहुत ज्यादा पढ़ा था और दूसरे अटेंप्ट में बहुत ज्यादा लिखा था। पेपर में बहुत लिमिटेड टाइम और स्पेस होता है। सिलेबस पूरा करना चाहिए। जितना आपने पढ़ा है उसे बार बार रिवाइज जरूर करना चाहिए। पहली अटेंप्ट में मेरा आठ मिनट में उत्तर नहीं सिमट पा रहा था। प्रश्न के उत्तर 25-300 से ऊपर जा रहे थे। टाइम मैनेजमेंट खराब होने के चलते आगे के प्रश्न सोल्व नहीं हो पा रहे थे। दूसरे अटेंप्ट में मैंने शॉर्ट नोट बना लिए थे। इससे तय सीमा में उत्तर लिखने में काफी आसानी हुई।

68

प्रैक्टिस से लिखावट और स्पीड दोनों सुधरे। गंगा सिंह ने एक वीडियो इंटरव्यू में बताया कि इंटरव्यू में मुझसे रंगभेद की समस्या से जुड़ा एक दिलचस्प सवाल पूछा गया था। उस वक्त दुनिया में रंगभेद से जुड़ी कुछ खबरें आ रही थीं। काले और गोरे के भेद से जुड़ा प्रश्न मेरे इंटरव्यू का टर्निंग प्वॉइंट था। 

78

मुझसे पूछा गया कि क्या भारतीय समाज में काले और गोरे का भेदभाव होता है?

 

 

मैंने कहा कि हां, ये भेदभाव होता है। हम रोजमर्रा की जिंदगी में भी काफी उदाहरण देखते हैं। उन्होंने (इंटरव्यू बोर्ड के एक सदस्य) कहा कि कैसे, भारत में तो लोकतंत्र है। मैंने कहा कि उदाहरण देता हूं - ट्रैक्टर और ट्रक के पीछे लिखा रहता है बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला! इसका मतलब है कि काले रंग के लोग बुरी नजर के हैं और गोरी चमड़ी वाले अच्छी बुद्धि व नजर वाले हैं। बॉलीवुड फिल्मों के गाने भी गोरे रंग पर हैं। अखबार के पेज में भी आता है- वर चाहिए, वधू चाहिए गोरे रंग के। इससे पता चलता है कि काले और गोरे के बीच भेद की विकृत मानसिकता व भावना हमारे समाज में घर कर गई है। 

88

गंगा अपने सभी चरणों में सफल रहे और साल 2016 में महज 23 साल की उम्र में दूसरी अटेंप्ट में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करके इतिहास रच दिया। फिर गंगा साल 2017 बैच गुजरात कैडर के अधिकारी चुने गए थे। 

 

गांव से आने वाले इस लड़के ने लोगों के दिलों में अपने अच्छे विचारों से भी जगह बनाई। समाज सेवा करने के लिए ही उसने सिविल सेवा में जाना चुना था। 

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

About the Author

AN
Asianet News Hindi
एशियानेट न्यूज़ हिंदी डेस्क भारतीय पत्रकारिता का एक विश्वसनीय नाम है, जो समय पर, सटीक और प्रभावशाली खबरें प्रदान करता है। हमारी टीम क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर गहरी पकड़ के साथ हर विषय पर प्रामाणिक जानकारी देने के लिए समर्पित है।

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Education Budget 2026: लड़कियों के हॉस्टल, नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स- छात्रों के लिए क्या-क्या नया?
Recommended image2
Parth Pawar Education: कितने पढ़े-लिखे हैं पार्थ पवार? HR कॉलेज से UK तक की पढ़ाई और राजनीति का सफर
Recommended image3
Sunetra Pawar Education: कितनी पढ़ी-लिखी हैं महाराष्ट्र की नई महिला डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार?
Recommended image4
डिअर पेरेंट्स! इस स्टडी प्लान ने बना दिए टॉपर, बोर्ड परीक्षा में 90%+ पक्के!
Recommended image5
IIT Kharagpur: रात में कैंपस से बाहर जाने वाले छात्रों के लिए नई गाइडलाइन, माता-पिता को मिलेगा अलर्ट
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved