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महिला हो या पुरुष, आत्मनिर्भर होकर लाखों कमाने का एक बढ़िया आइडिया यह भी है

First Published Jan 7, 2021, 6:26 PM IST
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पहले तो नौकरियां आसानी से नहीं मिलतीं। अगर मिल भी गईं, तो यह जरूरी नहीं कि सैलरी अच्छी हो, काम मन को हो या बिना तनाव के। ऐसे में खुद के पैरों पर खड़े होने की कोशिश क्यों नहीं करते? जो लोग यह समझते हैं कि खेती-बाड़ी सिर्फ नुकसान का सौदा है, तो यह गलत है। अगर सही तौर-तरीके और सही प्लानिंग से खेती-बाड़ी की जाए, तो आप अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। पहले हम आपको ये दो उदाहरण बताते हैं और फिर बताएंगे कि आत्मनिर्भर होकर आप कैसे अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। ये दोनों लोग एलोवेरा (Aloe vera) की खेती करते हैं। यह सभी जानते हैं कि एलोवेरा एक औषधीय पौधा है। इससे औषधि के अलावा कास्मेटिक सामग्री बनती हैं। सबसे बड़ी बात इसे उगाने में कोई झंझट या अधिक देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। एलोवेरा को घृतकुमारी या ग्वारपाठा भी कहते हैं। पहले जानते हैं इन दोनों किसानों की कहानियां और फिर बताएंगे एलोवेरा लगाकर आप कैसे लखपति बन सकते हैं।
 

पहली तस्वीर राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले अजय स्वामी की है। ये 12 साल से एलोवेरा की खेती कर रहे हैं। ये एलोवेरा की मिठाई, शैम्पू, कंडिशनर, जूस, साबुन, टूथपेस्ट जैसी करीब 45 चीजें बनाकर बनाकर मार्केट में बेचते हैं। इनके प्रोडक्ट का नाम है नैचुरल हेल्थ केयर। ये 20 स अधिक कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स बेचते हैं। चाय के स्टॉल से शुरू की थी जिंदगी...
 

पहली तस्वीर राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले अजय स्वामी की है। ये 12 साल से एलोवेरा की खेती कर रहे हैं। ये एलोवेरा की मिठाई, शैम्पू, कंडिशनर, जूस, साबुन, टूथपेस्ट जैसी करीब 45 चीजें बनाकर बनाकर मार्केट में बेचते हैं। इनके प्रोडक्ट का नाम है नैचुरल हेल्थ केयर। ये 20 स अधिक कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स बेचते हैं। चाय के स्टॉल से शुरू की थी जिंदगी...
 

अजय सिर्फ 8वीं पास हैं। ये एक चाय के स्टॉल पर 10 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी करते थे। इनके पास 2 एकड़ जमीन थी। इन्होंने कहीं से एलोवेरा के बारे में सुना। पहली बार ये कब्रिस्तान में उगे एलोवेरा उखाड़कर लाए थे, जिन्हें अपने खेत में लगाया। धीरे-धीरे इनका काम चल पड़ा। आज इनके पास करीब 27 बीघा जमीन है। अगर आप अजय से कुछ टिप्स लेना चाहें, तो उनके मोबाइल नंबर-9672682565 पर संपर्क कर सकते हैं। आगे पढ़ें-एलोवेरा ने बदल दी झारखंड के एक गांव की तस्वीर...

अजय सिर्फ 8वीं पास हैं। ये एक चाय के स्टॉल पर 10 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी करते थे। इनके पास 2 एकड़ जमीन थी। इन्होंने कहीं से एलोवेरा के बारे में सुना। पहली बार ये कब्रिस्तान में उगे एलोवेरा उखाड़कर लाए थे, जिन्हें अपने खेत में लगाया। धीरे-धीरे इनका काम चल पड़ा। आज इनके पास करीब 27 बीघा जमीन है। अगर आप अजय से कुछ टिप्स लेना चाहें, तो उनके मोबाइल नंबर-9672682565 पर संपर्क कर सकते हैं। आगे पढ़ें-एलोवेरा ने बदल दी झारखंड के एक गांव की तस्वीर...

रांची, झारखंड. यहां के देवडी गांव को लोग एलोवेरा विलेज के रूप में जानते हैं। आपको बता दें कि 3 साल पहले तक इस गांव के लोग रोजी-रोटी को परेशान थे। फिर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की एक एक परियोजना के तहत लोगों को एलोवेरा की खेती करने को प्रोत्साहित किया गया। बता दें कि एलोवेरा का एक पौधा 15-30 रुपए तक में बिकता है। इस गांव में अब आयुर्वेद और कास्मेटिक बनाने वालीं कई बड़ी कंपनियां आने लगी हैं। आगे पढ़ें कैसे कर सकते हैं एलोवेरा की खेती..

रांची, झारखंड. यहां के देवडी गांव को लोग एलोवेरा विलेज के रूप में जानते हैं। आपको बता दें कि 3 साल पहले तक इस गांव के लोग रोजी-रोटी को परेशान थे। फिर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की एक एक परियोजना के तहत लोगों को एलोवेरा की खेती करने को प्रोत्साहित किया गया। बता दें कि एलोवेरा का एक पौधा 15-30 रुपए तक में बिकता है। इस गांव में अब आयुर्वेद और कास्मेटिक बनाने वालीं कई बड़ी कंपनियां आने लगी हैं। आगे पढ़ें कैसे कर सकते हैं एलोवेरा की खेती..

एक बीघा जमीन में एलोवेरा के 800 पौधे लगाए जा सकते हैं। इसकी फसल एक साल में तैयार हो जाती है। फिर हर 6 या तीन महीने में इसकी फसल ली जा सकती है। 
 

एक बीघा जमीन में एलोवेरा के 800 पौधे लगाए जा सकते हैं। इसकी फसल एक साल में तैयार हो जाती है। फिर हर 6 या तीन महीने में इसकी फसल ली जा सकती है। 
 

अगर आप ऐलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना चाहते हैं, तो केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) से संपर्क कर सकते हैं। इसकी वेबसाइट है-www.cimap.res.in
फोन-522-2718505, 2718503, 2992794 

अगर आप ऐलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना चाहते हैं, तो केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) से संपर्क कर सकते हैं। इसकी वेबसाइट है-www.cimap.res.in
फोन-522-2718505, 2718503, 2992794 

कुछ खास बातें
हेल्थकेयर, कॉस्मेटिक और टेक्सटाइल में इस्तेमाल
हर्बल दवाएं बनाने वालीं कंपनियों में सबसे ज्यादा ऐलोवेरा की डिमांड है
ऐलोवेरा की खेती कैसे की जा सकती है, इस संबंध में  केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) ट्रैनिंग देता है।
जिले में FCCI से लाइसेंस लेकर लगा सकते हैं ऐलोवेरा प्रोसेसिंग यूनिट

कुछ खास बातें
हेल्थकेयर, कॉस्मेटिक और टेक्सटाइल में इस्तेमाल
हर्बल दवाएं बनाने वालीं कंपनियों में सबसे ज्यादा ऐलोवेरा की डिमांड है
ऐलोवेरा की खेती कैसे की जा सकती है, इस संबंध में  केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) ट्रैनिंग देता है।
जिले में FCCI से लाइसेंस लेकर लगा सकते हैं ऐलोवेरा प्रोसेसिंग यूनिट

इसका ध्यान रखें
शुरुआत में कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट करके ही खेती करें
जहां पानी भरता है, वहां एलोवेरा न लगाएं
बरसात और ठंड में ऐलोवेरा को पानी देने की जरूरत नहीं होती
गर्मियों में एक बार पानी अवश्य दें
एलोवेरा की एक एकड़ी खेती से 5-7 लाख रुपए कमा सकते हैं

इसका ध्यान रखें
शुरुआत में कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट करके ही खेती करें
जहां पानी भरता है, वहां एलोवेरा न लगाएं
बरसात और ठंड में ऐलोवेरा को पानी देने की जरूरत नहीं होती
गर्मियों में एक बार पानी अवश्य दें
एलोवेरा की एक एकड़ी खेती से 5-7 लाख रुपए कमा सकते हैं

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