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Fact Check: क्या किसान आंदोलन में शामिल हुई हाथरस केस से जुड़ी महिला डॉक्टर? जानें इस वायरल तस्वीर का सच

First Published Dec 1, 2020, 7:30 PM IST
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फैक्ट चेक डेस्क. Dr Rajkumari Bansal: इन दिनों दिल्ली में किसानों का आंदोलन चल रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर लोग फर्जी अफवाहें भी फैला रहे हैं। यूपी के हाथरस कांड के बाद विवादों में आईं मध्‍य प्रदेश की डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार कुछ लोग सोशल मीडिया में एक महिला की तस्‍वीर को वायरल करते हुए उसे डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल बता रहे हैं। दिल्‍ली में चल रहे किसान आंदोलन से इस तस्‍वीर को जोड़ते हुए दावा किया जा रहा है कि डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल अब किसान बन गई हैं। फैक्ट चेक में आइए जानते हैं कि आखिर सच क्या है? 

सितंबर में हुए हाथरस कांड के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर राजकुमारी बंसल पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस पहुंचीं थीं। उस वक्त उन पर पीड़िता की भाभी के तौर पर मीडिया को बयान देने के आरोप लगे थे जिसे डॉ ने खुद खारिज कर दिया था। उनके वहां जाने को लेकर खासा विवाद भी हुआ था। अब सोशल मीडिया पर कुछ लोग डॉक्टर राजकुमारी का नाम किसान आंदोलन से जोड़ रहे हैं।

सितंबर में हुए हाथरस कांड के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर राजकुमारी बंसल पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस पहुंचीं थीं। उस वक्त उन पर पीड़िता की भाभी के तौर पर मीडिया को बयान देने के आरोप लगे थे जिसे डॉ ने खुद खारिज कर दिया था। उनके वहां जाने को लेकर खासा विवाद भी हुआ था। अब सोशल मीडिया पर कुछ लोग डॉक्टर राजकुमारी का नाम किसान आंदोलन से जोड़ रहे हैं।

वायरल पोस्ट क्या है? 

 

फेसबुक यूजर अमित वार्ष्णेय ने ‘Pushpendra Kulshrestha (पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ)’ नाम के एक ग्रुप में एक तस्‍वीर को पोस्‍ट करते हुए लिखा : ‘हाथरस वाली भौजी आज किसान बनी है….🤪😂🤣 Best Job in the world, join Congress, job ki Kami Nahi’

वायरल पोस्ट क्या है? 

 

फेसबुक यूजर अमित वार्ष्णेय ने ‘Pushpendra Kulshrestha (पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ)’ नाम के एक ग्रुप में एक तस्‍वीर को पोस्‍ट करते हुए लिखा : ‘हाथरस वाली भौजी आज किसान बनी है….🤪😂🤣 Best Job in the world, join Congress, job ki Kami Nahi’

सोशल मीडिया के कई प्‍लेटफॉर्म्स पर इस तस्‍वीर को फर्जी दावों के साथ वायरल किया जा रहा है।

सोशल मीडिया के कई प्‍लेटफॉर्म्स पर इस तस्‍वीर को फर्जी दावों के साथ वायरल किया जा रहा है।

फैक्ट चेक

 

वायरल तस्‍वीर से जुड़ी सच्चाई जानने के लिए हमने इसे सबसे पहले अलग-अलग रिवर्स इमेज टूल से सर्च किया। सोशल मीडिया के कई प्‍लेटफार्म पर इस तस्‍वीर को फर्जी दावों के साथ वायरल किया गया। लेकिन हमें ओरिजनल तस्‍वीर भारतीय किसान यूनियन एकता के फेसबुक पेज पर मिला। इसे 10 फरवरी 2020 को अपलोड किया गया था।

 

ओरिजनल तस्‍वीर को ध्‍यान से देखने पर हमें कुछ शोरूम नजर आए। पीटर इंग्‍लैंड के शोरूम के ऊपर हमें Panache Exhibition pvt ltd लिखा नजर आया। गूगल मैप से हमें पता चला कि तस्‍वीर दिल्‍ली के कालिंदी कुंज के शाहीन बाग इलाके की है।

फैक्ट चेक

 

वायरल तस्‍वीर से जुड़ी सच्चाई जानने के लिए हमने इसे सबसे पहले अलग-अलग रिवर्स इमेज टूल से सर्च किया। सोशल मीडिया के कई प्‍लेटफार्म पर इस तस्‍वीर को फर्जी दावों के साथ वायरल किया गया। लेकिन हमें ओरिजनल तस्‍वीर भारतीय किसान यूनियन एकता के फेसबुक पेज पर मिला। इसे 10 फरवरी 2020 को अपलोड किया गया था।

 

ओरिजनल तस्‍वीर को ध्‍यान से देखने पर हमें कुछ शोरूम नजर आए। पीटर इंग्‍लैंड के शोरूम के ऊपर हमें Panache Exhibition pvt ltd लिखा नजर आया। गूगल मैप से हमें पता चला कि तस्‍वीर दिल्‍ली के कालिंदी कुंज के शाहीन बाग इलाके की है।

जांच के दौरान हम डॉक्टर राजकुमारी बंसल के सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला। 29 नवंबर को राजकुमारी बंसल ने एक पोस्‍ट में बताया कि उनके नाम से किसान आंदोलन को लेकर एक फेक पोस्‍ट वायरल हो रही है।

जांच के दौरान हम डॉक्टर राजकुमारी बंसल के सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला। 29 नवंबर को राजकुमारी बंसल ने एक पोस्‍ट में बताया कि उनके नाम से किसान आंदोलन को लेकर एक फेक पोस्‍ट वायरल हो रही है।

डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल ने मीडिया को बताया कि वह जबलपुर में हैं। अभी तक किसान आंदोलन में नहीं गई हैं। कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकते हैं। वायरल तस्‍वीर से मेरा कोई संबंध नहीं है। डॉ बंसल और वायरल तस्वीर में भी काफी अंतर है।

डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल ने मीडिया को बताया कि वह जबलपुर में हैं। अभी तक किसान आंदोलन में नहीं गई हैं। कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकते हैं। वायरल तस्‍वीर से मेरा कोई संबंध नहीं है। डॉ बंसल और वायरल तस्वीर में भी काफी अंतर है।

ये निकला नतीजा

 

जांच में डॉ राजकुमारी बंसल को लेकर किया जा रहा वायरल दावा फर्जी साबित हुआ।  वायरल फोटो इंटरनेट पर फरवरी 2020 से मौजूद है, लिहाजा ये बात साफ हो जाती है कि इसका वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। एक पुरानी तस्‍वीर को कुछ लोग डॉक्‍टर पर निशाना साधने के लिए इस्‍तेमाल कर रहे हैं।
 

ये निकला नतीजा

 

जांच में डॉ राजकुमारी बंसल को लेकर किया जा रहा वायरल दावा फर्जी साबित हुआ।  वायरल फोटो इंटरनेट पर फरवरी 2020 से मौजूद है, लिहाजा ये बात साफ हो जाती है कि इसका वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। एक पुरानी तस्‍वीर को कुछ लोग डॉक्‍टर पर निशाना साधने के लिए इस्‍तेमाल कर रहे हैं।
 

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