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2022 RECAP: UK में ऋषि सुनक के PM बनने से लेकर, महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन तक, इन घटनाओं की सालभर रही चर्चा
नई दिल्ली। साल 2022 खत्म होने को है। इस साल UK (United Kingdom) में ऋषि सुनक के रूप में पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बनने से लेकर महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन तक, कई ऐसी राजनीतिक घटनाएं घटीं, जिसकी देश-विदेश में चर्चा हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अगले पांच साल तक पद पर बने रहने के फैसले पर मुहर लगी। इमरान खान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से बेदखल कर दिया गया। वहीं, देश में साल की शुरुआत में पांच राज्यों और अंत में दो राज्यों में विधानसभा के चुनाव हुए। आगे पढ़ें 2022 की बड़ी राजनीतिक घटनाओं के बारे में...

अक्टूबर में पहली बार किसी भारतीय मूल के व्यक्ति को UK का पीएम बनने का अवसर मिला। पार्टी में बगावत के चलते बोरिस जॉनसन को पीएम पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद नए पीएम को लेकर शुरू हुई रेस में ऋषि सुनक और लिज ट्रस सबसे आगे रहे। लिज ट्रक ने पार्टी के अंदर होने वाला चुनाव जीता और प्रधानमंत्री बनीं। आर्थिक उथल-पुथल के चलते लिज को छह सप्ताह बाद ही पीएम पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद ऋषि सुनक को नया प्रधानमंत्री बनाया गया।
पाकिस्तानी सेना की मदद से पीएम की कुर्सी तक पहुंचे इमरान खान को विपक्षी दलों ने गठबंधन कर सत्ता से हटा दिया था। इमरान के खिलाफ मार्च में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद शहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनाए गए। इमरान खान ने पाकिस्तान की सेना पर उन्हें कुर्सी से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
16-22 अक्टूबर तक चली चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के कांग्रेस की बैठक में शी जिनपिंग को तीसरे कार्यकाल दिए जाने के फैसले पर मुहर लगी। वह पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद सबसे शक्तिशाली नेता बनकर उभरे। इस बीच चीन में तख्तापलट होने और शी जिनपिंग को नजरबंद किए जाने की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैलीं। कहा गया कि 16 सितंबर को उज्बेकिस्तान से बीजिंग लौटते ही उन्हें नजरबंद कर लिया गया।
इजरायल में 1 नवंबर को संसदीय चुनाव हुए थे। चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और घोर दक्षिणपंथी नोआम पार्टी के गठबंध को 120 में से 64 सीटों पर जीत मिली। 2019 में भ्रष्टाचार के आरोप के चलते नेतन्याहू को पीएम पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद से इजरायल में राजनीतिक अस्थिरता रही। दो साल में चार चुनाव हुए, लेकिन किसी पार्टी को अकेले स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। नेतन्याहू ने 31 दिसंबर को पीएम पद के लिए शपथ ग्रहण किया।
पुष्प कमल दहल प्रचंड तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने हैं। 26 दिसंबर को उन्होंने शपथ ग्रहण किया। 25 दिसंबर को प्रचंड नेपाल कांग्रेस के नेतृत्व वाले चुनाव पूर्व गठबंधन से अलग हो गए थे। उन्होंने विपक्ष के नेता केपी शर्मा ओली के साथ हाथ मिला लिया है। पुष्प कमल की माओइस्ट सेंटर पार्टी ने पांच अन्य दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाया है।
8 अगस्त 2022 को जांच एजेंसी FBI ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के घर पर छापा मारा था। इस दौरान फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित उनके घर की तलाशी ली गई। दरअसल, 2021 में चुनाव हारने पर ट्रम्प को व्हाइट हाउस छोड़ना पड़ा था। आरोप है कि वह कुछ डॉक्यूमेंट्स अपने साथ ले गए थे। उनपर 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन पर हमला करने वाली भीड़ को भड़काने का आरोप लगा था। बताया गया था कि FBI ने डॉक्यूमेंट्स के लिए ट्रम्प के घर पर छापा मारा था।
जून में शिवसेना में बगावत के चलते महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन हुआ था। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों ने बगावत कर दिया था। अपने समर्थक विधायकों को साथ लेकर एकनाथ असम चले गए थे। इस राजनीतिक उथल-पुथल का अंत 30 जून को एकनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ हुआ था। बीजेपी ने शिवसेना के विरोधी गुट को समर्थन दिया था, जिससे सरकार बनाने का रास्ता साफ हुआ। भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
साल 2022 के शुरुआत में पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड) में चुनाव हुए थे। 10 मार्च को रिजल्ट आया था। भाजपा को चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा) में जीत मिली थी। वहीं, पंजाब में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी।
नवंबर दिसंबर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को जीत मिली। भाजपा हर पांच साल में राज्य में सरकार बदलने के रिवाज को बदल नहीं पाई। दूसरी ओर गुजरात में भाजपा ने 182 में से 156 सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। लोकसभा चुनाव से पहले अपने गृह राज्य गुजरात में मिली जीत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत बढ़ी है।
नवंबर-दिसंबर में हुए दिल्ली नगर निगम के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की और MCD भाजपा के 15 साल की सत्ता को खत्म कर दिया। 250 सीटों वाली एमसीडी में आप ने 134 सीटें जीत ली। बीजेपी को 104 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। सबसे बुरा हाल कांग्रेस का रहा। कांग्रेस को इस बार केवल नौ सीटें मिली। निर्दलीय तीन कैंडिडेट्स ने भी चुनाव जीत लिया।
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