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ICMR ने दी चेतावानी: Painkillers हो सकती है स्लो पॉइजन, कोरोना से बचने ये लोग बरते खास सावधानी

First Published Apr 29, 2021, 1:17 PM IST
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ट्रेंडिंग डेस्क: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने भारत में तबाही मचा रखी है। हर दिन लाखों मरीज इस बीमार की शिकार हो रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों को तमाम तरह की दवाइयां दी जाती है, जिसमें Painkillers यानी की दर्द निवारक दवाएं सामान्य है। लेकिन हाल ही में ICMR (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च) ने कहा है कि इबुप्रोफेन (Ibuprofen) जैसे कई पेन किलर्स कोरोना की गंभरीता को बढ़ा रही है। खासकर जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी उन्हें इन दवाओं को लेने से बचना चाहिए। ICMR ने साफ कहना है कि लोग NSAID (नॉन स्टेरोडिकल एंटी-इन्फेलेमेटरी ड्रग्स) से परहेज करें। हालांकि डॉक्टर की सलाह पर आप कुछ पेन किलर्स दवाइयां ले सकते हैं।

घातक हो सकती है Painkillers
सामान्य दर्द निवारक दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी कहीं अधिक घातक हो सकते हैं। खासकर जो लोग कोरोना के दौरान बुखार या दर्द होने पर Painkillers लेते हैं, उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। आम पेरासिटामोल के साथ इबुप्रोफेन को मिलाकर कोविड पेशेंट्स को दवाइयां दी जा रही है, जो जानलेवा हो सकती है।

घातक हो सकती है Painkillers
सामान्य दर्द निवारक दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी कहीं अधिक घातक हो सकते हैं। खासकर जो लोग कोरोना के दौरान बुखार या दर्द होने पर Painkillers लेते हैं, उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। आम पेरासिटामोल के साथ इबुप्रोफेन को मिलाकर कोविड पेशेंट्स को दवाइयां दी जा रही है, जो जानलेवा हो सकती है।

ICMR ने चेताया
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि किडनी और हार्ट के मरीजों (Heart Patients) के लिए खतरनाक मानी जाने वाली आईब्रूफन जैसी कुछ दर्दनिवारक दवाएं कोरोना के लक्षणों को भी गंभीर कर सकती हैं। ऐसे में इन दवाओं को लेने से बचना चाहिए।

ICMR ने चेताया
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि किडनी और हार्ट के मरीजों (Heart Patients) के लिए खतरनाक मानी जाने वाली आईब्रूफन जैसी कुछ दर्दनिवारक दवाएं कोरोना के लक्षणों को भी गंभीर कर सकती हैं। ऐसे में इन दवाओं को लेने से बचना चाहिए।

Ibuprofen की जगह लें Paracetamol
बता दें कि Ibuprofen के सेवन के बाद शरीर में एक ऐसे एंजाइम की मात्रा बढ़ जाती है जो कोविड-19 के संक्रमण को और बढ़ा सकती है। जबकि, Paracetamol से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होते है। ऐसे में कोविड के दौरान बहुत ज्यादा दर्द या बुखार होने पर आप सामान्य पेरासिटामोल ले सकते हैं। 

Ibuprofen की जगह लें Paracetamol
बता दें कि Ibuprofen के सेवन के बाद शरीर में एक ऐसे एंजाइम की मात्रा बढ़ जाती है जो कोविड-19 के संक्रमण को और बढ़ा सकती है। जबकि, Paracetamol से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होते है। ऐसे में कोविड के दौरान बहुत ज्यादा दर्द या बुखार होने पर आप सामान्य पेरासिटामोल ले सकते हैं। 

वैक्सीन के बाद ना लें पेन किलर्स
डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने से पहले या उसके बाद पेनकिलर नहीं खानी चाहिए। इबुप्रोफेन जैसी कुछ पेनकिलर शरीर की इम्यूनिटी को धीमा करता है। जबकि वैक्सीन लगाने का मकसद ही इसे तेज करना होता है।

वैक्सीन के बाद ना लें पेन किलर्स
डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने से पहले या उसके बाद पेनकिलर नहीं खानी चाहिए। इबुप्रोफेन जैसी कुछ पेनकिलर शरीर की इम्यूनिटी को धीमा करता है। जबकि वैक्सीन लगाने का मकसद ही इसे तेज करना होता है।

खाली पेट कभी ना लें पेन किलर
खाली पेट पेन किलर दवाएं लेने से शरीर में गैस्ट्रिक या एसिडिटी बहुत अधिक बढ़ जाती हैं जिससे तबियत और बिगड़ सकती है। हमेशा पेन किलर लेने से पहले थोड़ा सा खाना जरूर लें।

खाली पेट कभी ना लें पेन किलर
खाली पेट पेन किलर दवाएं लेने से शरीर में गैस्ट्रिक या एसिडिटी बहुत अधिक बढ़ जाती हैं जिससे तबियत और बिगड़ सकती है। हमेशा पेन किलर लेने से पहले थोड़ा सा खाना जरूर लें।

पेन किलर्स के साइड इफेक्ट्स     
- कॉन्सटपिशन या लूज मोशन्स।
- गैस्ट्रो-इन्टेस्टाइनिल समस्याएं।
- पेट में अल्सर या ब्लीडिंग।
- मानसिक समस्याएं जैसे अनिद्रा, ध्यान न लगना आदि।
- सांस लेने में दिक्कत। 
- त्वचा पर चकत्ते और खुजली या जलन।
- लंबे समय तक पेन किलर के इस्तेमाल से लिवर और किडनी तक के खराब होने का खतरा हो सकता है।

पेन किलर्स के साइड इफेक्ट्स     
- कॉन्सटपिशन या लूज मोशन्स।
- गैस्ट्रो-इन्टेस्टाइनिल समस्याएं।
- पेट में अल्सर या ब्लीडिंग।
- मानसिक समस्याएं जैसे अनिद्रा, ध्यान न लगना आदि।
- सांस लेने में दिक्कत। 
- त्वचा पर चकत्ते और खुजली या जलन।
- लंबे समय तक पेन किलर के इस्तेमाल से लिवर और किडनी तक के खराब होने का खतरा हो सकता है।

खबराएं नहीं हार्ट, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज
अपनी ताजा रिपोर्ट में ICMR ने कहा है कि दिल की बीमारी, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दूसरे लोगों के मुकाबले कोरोना होने का ज्यादा खतरा नहीं है। कोरोना होने पर इन्हें ज्यादा देखभाल की सलाह दी जाती है। ICMR की सलाह है कि डायबिटीज के मरीजों को अपना शुगर लेवल चैक करते रहना चाहिए। साथ ही सही खाना और नियमित रूप से अपनी दवाइयां लेनी चाहिए।

खबराएं नहीं हार्ट, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज
अपनी ताजा रिपोर्ट में ICMR ने कहा है कि दिल की बीमारी, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दूसरे लोगों के मुकाबले कोरोना होने का ज्यादा खतरा नहीं है। कोरोना होने पर इन्हें ज्यादा देखभाल की सलाह दी जाती है। ICMR की सलाह है कि डायबिटीज के मरीजों को अपना शुगर लेवल चैक करते रहना चाहिए। साथ ही सही खाना और नियमित रूप से अपनी दवाइयां लेनी चाहिए।

बंद ना करें बीपी और हार्ट की दवाइयां
ब्लड प्रेशर और दिल के मरीजों को भी समय-समय पर दवा लेना बहुत जरूरी है। कोरोना होने पर भी उन्हें अपनी दवाई बिना डॉक्टर से पूछे बंद नहीं करनी चाहिए। 

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...। जब भी घर से बाहर निकलें माॅस्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

बंद ना करें बीपी और हार्ट की दवाइयां
ब्लड प्रेशर और दिल के मरीजों को भी समय-समय पर दवा लेना बहुत जरूरी है। कोरोना होने पर भी उन्हें अपनी दवाई बिना डॉक्टर से पूछे बंद नहीं करनी चाहिए। 

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...। जब भी घर से बाहर निकलें माॅस्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

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