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1665 में भी फैली थी कोरोना जैसी भयंकर महामारी, तब इस महान वैज्ञानिक ने की थी एक खोज

First Published Jan 3, 2021, 11:59 PM IST
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इंग्लैंड में 4 जनवरी, 1643 को जन्मे महान आईजैक न्यूटन महान गणितज्ञ, भौतिक विज्ञानी, ज्योतिषी और दार्शनिक के तौर पर जाने जाते हैं। 1665 में उन्होंने गुरुत्वाकर्षण (Gravity) की खोज की थी। आपको बता दें कि जिस समय न्यूटन अपनी खोज में लगे थे, उस वक्त इंग्लैंड में कोरोना जैसी महामारी ग्रेट प्लेग (Great Plague) फैला हुआ था। स्कूल-कॉलेज सब बंद हो चुके थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूटन के सहायक जॉन कोंडिट ने बताया था कि न्यूटन एक बगीचे में लेटे थे। तभी पेड़ से गिरे एक सेब को देखकर उन्हें ख्याल आया कि सेब नीचे ही क्यों गिरा...ऊपर क्यों नहीं गया? इसके बाद न्यूटन इसकी रिसर्च पर जुट गए और फिर बताया कि पृथ्वी में गुरुत्वाकर्षण बल नाम की एक शक्ति है। आगे पढ़ें न्यूटन के बारे में और कुछ बातें...

साइकिल से लेकर हवाई जहाज बनाने तक जिन नियमों का ध्यान रखना पड़ता है, गति के वो तीन नियम न्यूटन ने ही दिए थे।
 

साइकिल से लेकर हवाई जहाज बनाने तक जिन नियमों का ध्यान रखना पड़ता है, गति के वो तीन नियम न्यूटन ने ही दिए थे।
 

बता दें कि 31 मार्च, 1727 को सोते समय न्यूटन की मृत्यु हो गई थी। हालांकि कई जगह यह तारीख 20 मार्च भी अंकित है।

बता दें कि 31 मार्च, 1727 को सोते समय न्यूटन की मृत्यु हो गई थी। हालांकि कई जगह यह तारीख 20 मार्च भी अंकित है।

न्यूटन की मृत्यु के बाद उनके शरीर में भारी मात्रा में पारा मिला था। ऐसा माना गया कि किसी रिसर्च के दौरान पारा उनके शरीर में गया। हालांकि उन्हें सनकी भी माना जाता था।

न्यूटन की मृत्यु के बाद उनके शरीर में भारी मात्रा में पारा मिला था। ऐसा माना गया कि किसी रिसर्च के दौरान पारा उनके शरीर में गया। हालांकि उन्हें सनकी भी माना जाता था।

2005 मे एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे किया गया था। इसमें न्यूटन को सर्वाधिक लोकप्रिय वैज्ञानिक माना गया था। 

2005 मे एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे किया गया था। इसमें न्यूटन को सर्वाधिक लोकप्रिय वैज्ञानिक माना गया था। 

अंग्रेजी कवि अलेक्जेंडर पोप ने न्यूटन की उपलब्धियों पर एक स्मृति लेख भी लिखा था। यह आगे जाकर महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हुआ।

अंग्रेजी कवि अलेक्जेंडर पोप ने न्यूटन की उपलब्धियों पर एक स्मृति लेख भी लिखा था। यह आगे जाकर महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हुआ।

न्यूटन ने अपने अंकल रेव विलियम एस्क्फ के कहने पर ही जून, 1661 को ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज में एडमिशन लिया था। पढ़ाई की फीस भरने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे। जब वे कॉलेज में ही कर्मचारी बनकर काम करते थे।

न्यूटन ने अपने अंकल रेव विलियम एस्क्फ के कहने पर ही जून, 1661 को ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज में एडमिशन लिया था। पढ़ाई की फीस भरने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे। जब वे कॉलेज में ही कर्मचारी बनकर काम करते थे।

न्यूटन की मां उन्हें किसान बनाना चाहती थीं। लेकिन वे खेती पसंद नहीं करते थे। किंग्स स्कूल के मास्टर हेनरी स्टोक्स ने सबसे पहले न्यूटन की प्रतिभा पहचानी। उन्होंने ही न्यूटन की मां को सुझाव दिया था कि वे उन्हें स्कूल भेजें।

न्यूटन की मां उन्हें किसान बनाना चाहती थीं। लेकिन वे खेती पसंद नहीं करते थे। किंग्स स्कूल के मास्टर हेनरी स्टोक्स ने सबसे पहले न्यूटन की प्रतिभा पहचानी। उन्होंने ही न्यूटन की मां को सुझाव दिया था कि वे उन्हें स्कूल भेजें।

कहते हैं कि स्कूल में एक लड़का न्यूटन को बहुत चिढ़ाता था। वो उन्हें मंदबुद्धि कहता था। इसके बाद न्यूटन को ऐसी सनक चढ़ी कि पढ़ाई के अलावा सबकुछ छोड़ दिया। वे स्कूल में मेधावी छात्र बने।

कहते हैं कि स्कूल में एक लड़का न्यूटन को बहुत चिढ़ाता था। वो उन्हें मंदबुद्धि कहता था। इसके बाद न्यूटन को ऐसी सनक चढ़ी कि पढ़ाई के अलावा सबकुछ छोड़ दिया। वे स्कूल में मेधावी छात्र बने।

आइजैक ने कैलकुलस का आविष्कार चुटकियों में कर दिया था। यानी जितना लोग इसे सीखने में लगाते हैं, उतने में इसका आविष्कार हो गया था। बता दें कि कलन (Calculus) गणित का प्रमुख क्षेत्र है। इसमें राशियों के परिवर्तन का गणितीय अध्ययन किया जाता है।

आइजैक ने कैलकुलस का आविष्कार चुटकियों में कर दिया था। यानी जितना लोग इसे सीखने में लगाते हैं, उतने में इसका आविष्कार हो गया था। बता दें कि कलन (Calculus) गणित का प्रमुख क्षेत्र है। इसमें राशियों के परिवर्तन का गणितीय अध्ययन किया जाता है।

यह जानकर लोगों को ताज्जुब होता है कि न्यूटन ने अपने ज्यादातर रिसर्च पेपर इतिहास और धर्म पर लिखे। जबकि वे गणित और विज्ञान के महारथी थे।

यह जानकर लोगों को ताज्जुब होता है कि न्यूटन ने अपने ज्यादातर रिसर्च पेपर इतिहास और धर्म पर लिखे। जबकि वे गणित और विज्ञान के महारथी थे।

धरती सूर्य के चारों ओर गोल नहीं, बल्कि अंडाकार घूमती है। यह बात न्यूटन ने ही साबित की थी।

धरती सूर्य के चारों ओर गोल नहीं, बल्कि अंडाकार घूमती है। यह बात न्यूटन ने ही साबित की थी।

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