लाखों मौतों के बाद भी नहीं संभल रही दुनिया, इन देशों में अभी भी लोग खा रहे सांप-चमगादड़
हटके डेस्क। कोरोना वायरस की महामारी का कहर लगातार बढ़ती ही जा रही है। अब तक इससे दुनिया भर में 3 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, वहीं 46 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत 2019 के दिसंबर महीने के आखिरी हफ्ते में चीन के वुहान शहर में हुई थी। यह माना गया था कि यह वायरस वुहान के वेट मार्केट से फैला जहां वाइल्ड एनिमल्स के साथ हर तरह के जानवरों का मांस बेचा जाता है। यह भी कहा गया कि यह महामारी चमगादड़ों का मांस खाने और उनक सूप पीने से पैदा हुई है। इसके बाद वुहान का वह मार्केट बंद कर दिया गया। कोरोना वायरस को लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने भी कहा है कि अभी लोगों को मांसाहार से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे वयारस संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन हाल ही में एनिमल राइट्स के लिए काम करने वाली संस्था पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) ने एक वीडियो जारी कर के कहा है कि अभी भी साउथ ईस्ट एशिया के देशों में बड़े पैमाने पर जंगली जानवरों का मांस लोग खा रहे हैं। सांप, चमगादड़, कुत्ते और दूसरे जानवर कंबोडिया, इंडोनेशिया, फिलीपीन्स, थाईलैंड, वियतनाम और चीन के मीट मार्केट्स में खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इससे कोरोना के संक्रमण का खतरा बना हुआ है, लेकिन लोग मीट खाने से बाज नहीं आ रहे हैं। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें।

इंडोनेशिया के मीट मार्केट में मुर्गे-मर्गियों के साथ दूसरे पक्षियों और बंदरों का मांस भी बेचा जा रहा है।
इंडोनेशिया के एक बाजार में खरगोशों को बेचने के लिए उन्हें पिंजरे में रखा गया है।
चीन के एक मीट मार्केट में मेंढकों को बेचने के लिए उन्हें जाल में रखा गया है। ये मेंढक जिंदा बेचे जाते हैं।
फिलीपीन्स के एक मीट मार्केट में जानवरों की खाल उतार कर उन्हें बेचने के लिए रखा गया है।
थाईलैंड के एक मीट मार्केट में मुर्गों को इस तरह रखा गया है कि वे हिल तक नहीं सकते। ऐसे दड़बों में कई मुर्गों की जान दम घुटने से चली जाती है।
वियतनाम के एक मीट मार्केट मुर्गों को बेचने के लिए पिंजड़े में बंद कर के रखा गया है।
मीट मार्केट में जानवरों की यह तस्वीर पेटा ने ली है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने कोरोना महामारी के चलते लोगों से अपील की है कि फिलहाल वे मांसाहारी भोजन से परहेज करें, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
पेटा का कहना है कि मांस के लिए बीमार जानवरों और मछलियों को भी बेचा जा रहा है और इसमें साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि मांस के ये बाजार बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं, क्योंकि इनके जरिए वायरस बहुत तेजी से एक जगह से दूसरी जगह फैल सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इन बाजारों को टाइम की तरह खतरनाक बताया है।
थाईलैंड के एक मीट मार्केट में बत्तखों को पिंजरे में बेचने के लिए रखा गया है।
इंडोनेशिया के एक मीट मार्केट में जिंदा सांप प्लास्टिक के कंटेनर में रख कर बेचा जा रहा है।
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