झारखंड में कोरोना के केस फिर से बढ़ते जा रहे है। यहां कोविड ने लगता है फिर से रफ्तार पकड़ ली है। इस तरह बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। साथ ही जांच की गति को बढ़ाने के आदेश दिए है।

रांची( Ranchi). राज्य में कोरोना ने फिर से फ्तार पकड़ ली है। हर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इसको लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 जुलाई तक जारी आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में कोविड-19 एक्टिव केस 344 हो गए हैं। रांची में एक्टिव केस 135 है। पूर्वी सिंहभूम में 73, देवघर में 56, हजारीबाग में 16, बोकारो में 17 एक्टिव केस हैं। राज्य में कोविड के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी उपायुक्तों को जांच की गति को बढ़ाने का निर्देश दिया है। रांची के अलावा पूर्वी सिंहभूम, देवघर, हजारीबाग, बोकारो में कोविड के मामले लागतार बढ़ रहे हैं।

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141 दिनों बाद कोविड से हुई मौत
रांची में 141 दिनों बाद कोविड से पहली मौत हुई है। ओरमांझी के मदरसा मोहल्ला में रहने वाले 61 साल के एक बुजुर्ग की कोविड से मौत हुई। मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 4 जुलाई को अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। इससे पहले रांची में 13 फरवरी को कोविड से एक मौत हुई थी। जबकि जमशेदपुर में 11 मई को कोविड से एक मौत हुई थी।

जमशेदपुर में एनआईटी की कक्षाएं हुई सस्पेंड
जमशेदपुर में स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) के 13 छात्र 4 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। तीन छात्रों का टाटा मुख्य अस्पताल ( टीएमएच) में इलाज चल रहा है। अन्य स्टुडेंट को हॉस्टल में ही क्वैरेन्टाइऩ में रहने को कहा गया है। सभी कोरोना पॉजिटिव बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टुडेंट हैं। यहां 100 विद्यार्थियों की टेस्टिंग हुई थी। एनआईटी प्रबंधन ने 3 दिनों के लिए बीटेक फर्स्ट ईयर की सभी कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। साथ ही विद्यार्थियों के बाहर आने जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सभी को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है।

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