भोपाल. मध्य प्रदेश कोरोना वायरस की रफ्तार रोको नहीं रूक रही है। जबकि सीएम शिवराज संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए रोजाना तरह-तरह के फैसला ले रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने मंत्री-अधिकारियों के साथ बैठक कर MP में लॉकडाउन की नई गाइडलाइन का ऐलान किया है। जिसके तहत अब इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी दफ्तर में 10% से ज्यादा कर्मचारी नहीं रहेंगे। साथ ही ऑटो और कार में सिर्फ दो ही सवारी की आने-जाने की अनुमति होगी।

प्राइवेट दफ्तर में सिर्फ 10% कर्मचारी आएंगे
सीएम के फैसले के बाद गृह विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसकी जिम्मेदारी जिले के कलेक्टरों को दी गई है। बता दें कि इससे पहले 12 अप्रैल के आदेश के मुताबिक, सरकारी कार्यालयों में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की उपस्थिति 25% तय की गई थी। लेकिन बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब प्राइवेट ऑफिसों में भी  10% से ज्यादा कर्मचारी काम नहीं करेंगे। यह नियम सभी IT, BPO और मोबाइल कंपनियों के ऑफिस में भी लागू होगा।

ऑटो और कार में सिर्फ 2 सवारी की अनुमति
नई गाइडलाइन के मुताबिक, ऑटो और ई-रिक्शा और निजी वाहन में सिर्फ ड्राइवर के अलावा 2 सवारी बैठाने की अनुमति होगी। वहीं बड़ी सब्जी मंडियों को भी बंद करने का फैसला लिया गया है। सिर्फ सब्जी की छोटी मंडियों को खुलने की अनुमति होगी। ताकि किसी तरह से संक्रमण की चेन टूट सके।

किराने के थोक व्यपारी खोल सकेंगे दुकान...
नई शर्तों के अनुसारस प्रदेश के सभी धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, स्पोर्टस व मनोरंजन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। साथ ही किराना के थोक व्यापारियों द्वारा फुटकर किराना दुकानों सामान का आदान-प्रदान निर्बाध रूप से बना रहेगा।

उज्जैन में बढ़ा 30 अप्रेल तक टोटल लॉकडाउन 
वहीं उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने शहर में बढ़ते मामलों को देखते हुए 30 अप्रेल तक टोटल लॉकडाउन लगाने का फैसला किया। जिसके तहत सबकुछ पूर्णता बंद रहेगा। सिर्फ दूध की दुकान और शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को छूट दी जाएगी।