कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी तो ये शुरुआत है, शुभेंदु अधिकारी के पीछे करीब 40 ऐसे नेता है जो टीएमसी छोड़ सकते हैं। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर टीएमसी में ऐसा क्या हुआ कि बड़े नेता पार्टी छोड़ने पर मजबूर हो गए?

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन उससे पहले ममता के साथी साथ छोड़ने लगे हैं। 16 दिसंबर को शुभेंदु अधिकारी ने विधायकी और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। 17 दिसंबर को आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन और विधायक जितेंद्र तिवारी ने टीएमसी छोड़ने का ऐलान किया। अब 18 दिसंबर को उत्तरी 24 परगना में बैरकपुर से टीएमसी विधायक सिलभद्र दत्ता का इस्तीफा आ गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी तो ये शुरुआत है, शुभेंदु अधिकारी के पीछे करीब 40 ऐसे नेता है जो टीएमसी छोड़ सकते हैं। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर टीएमसी में ऐसा क्या हुआ कि बड़े नेता पार्टी छोड़ने पर मजबूर हो गए?

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टीएमसी में भगदड़ की दो बड़ी वजहें
1-
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर
2- ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी

पहले जान लें प्रशांत किशोर ने क्या बिगाड़ दिया?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2021 में प्रशांत किशोर ने टीएमसी को जिताने की जिम्मेदारी ली है। लेकिन पार्टी के ही कई नेता उनसे खुश नहीं हैं। विश्वजीत कुंडू और बर्दवान पूर्व के सांसद सुनील मंडल दोनों ने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत की है। 

बड़े नेताओं का दरकिनार कर दिया: विश्वजीत कुंडू ने कहा, "हमारी पार्टी ने पीके (प्रशांत किशोर) को लाने के लिए करोड़ों खर्च किए। उन्होंने मेरे निर्वाचन क्षेत्र में संगठनात्मक प्रमुखों को चुना, जिनके पास साफ रिकॉर्ड नहीं है और जिन्हें लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। हम जैसे लोगों को दरकिनार कर दिया गया। लेकिन वह हमसे बेहतर जानते हैं। तो पार्टी को मुझसे क्या चाहिए?।?

प्रशांत किशोर ने हमें सांसद नहीं बनाया: सुनील मंडल ने कहा, "गुस्सा है क्योंकि यही वास्तविकता है। हम राजनीति के माध्यम से विधायक या सांसद बने। प्रशांत किशोर ने हमें विधायक या सांसद नहीं बनाया। पार्टी इस तरह से नहीं चल सकती है।"

मैं प्रशांत किशोर से संतुष्ट नहीं हूं: टीएमसी विधायक सैकत पांजा ने कहा, "प्रशांत किशोर की टीम के एक सदस्य ने मेरे साथ बात की है, लेकिन मैं संतुष्ट नहीं हूं। मैंने अभी तक पार्टी छोड़ने का फैसला नहीं किया है, लेकिन मैं राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रहूंगा जब तक कि मेरे मुद्दों को हल नहीं किए जाते हैं।"

ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने क्या किया?
शुभेंदु अधिकारी के पार्टी छोड़ने के पीछे प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं। आरोप है कि अभिषेक को ज्यादा अहमियत दी जा रही है। टीएमसी के नेता धीरेन्द्र नाथ पात्रा ने कहा, "प्रशांत किशोर को अभिषेक लाए। शुभेंदु का पावर कम कर दिया। इसलिए हमलोग शुभेंदु के साथ हैं। 

जदयू ने प्रशांत किशोर को बताया पनौती
जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर लिखा, आप अभी भी समय है माटी और मानुष को देखो इस धन मानुष को छोड़ो, पनौती है। पहले प्रशांत किशोर जदयू के चुनावी रणनीतिकार हुआ करते थे, लेकिन पिछले बिहार विधानसभा चुनाव के पहले जयदू से न केवल नाता तोड़ा, नीतीश कुमार की लगातार आलोचना कर रहे थे।

एक दर्जन विधायक छोड़ सकते हैं टीएमसी
माना जाता है कि टीएमसी के करीब एक दर्जन विधायक और निर्वाचित निकायों के प्रमुख इस्तीफा देने और शुभेंदु के साथ भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं। पंडाबेश्वर के विधायक और टीएमसी की पश्चिम बर्धमान जिला इकाई के अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी ने गुरुवार को पार्टी में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। शुक्रवार को वैरकपुर से विधायक शीलभद्र दत्ता ने भी टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। शुभेंदु से जुड़े कार्यकर्ताओं का दावा है कि लगभग 50 टीएमसी विधायकों और पार्टी संगठन के कई नेताओं के संपर्क में थे। यानी अभी कई विधायक और नेता भाजपा में जा सकते हैं।