Asianet News HindiAsianet News Hindi

मैं सिर्फ 4 प्वाइंट्स बोलूंगा, जवाब नहीं दे पाएंगे..संसद में ओवैसी ने सत्तापक्ष पर साधा निशाना

लोकसभा में दूसरी बार नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस दौरान एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा, "मैं सिर्फ चार प्वाइंट्स पर ही बोलूंगा। समय नहीं है, और ये लोग (सत्तापक्ष) जवाब भी नहीं दे पाएंगे।"  

AIMIM MP Asaduddin Owaisi speech in the Lok Sabha on the Citizenship Amendment Bill kpn
Author
New Delhi, First Published Dec 9, 2019, 4:09 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. लोकसभा में दूसरी बार नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस दौरान एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा, "मैं सिर्फ चार प्वाइंट्स पर ही बोलूंगा। समय नहीं है, और ये लोग (सत्तापक्ष) जवाब भी नहीं दे पाएंगे।" बता दें कि अमित शाह ने बिल को पेश करते हुए विपक्ष के आरोप का जवाब दिया था कि यह विधेयक .001% भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं हर सवाल का जवाब दूंगा। लेकिन तब तक वॉकआउट मत कर जाना। कांग्रेस सहित 11 विपक्षी दल इस विधेयक के विरोध में हैं। 

ओवैसी के चार प्वाइंट्स क्या-क्या हैं?
बिल का विरोध करते हुए ओवैसी ने कहा-
1- पहली बात है, सेक्युलरिज्म इस मुल्क के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है। केशवानंद भारती केस में कहा गया। संविधान के अनुच्छेद 14 में कहा गया।
2- दूसरी बात, हम इसलिए इस बिल की मुखालफत कर रहे हैं, क्योंकि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, यह मनमाना है, शायरा बानो केस में, नवतेज जौहर केस में इसका ज़िक्र है। इसके अलावा बोम्मई, केशवानंद भारती भी हैं।
3- तीसरा, हमारे मुल्क में एकल नागरिकता का विचार लागू है। 
4- आप यह बिल लाकर सर्बानंद सोनोवाल सुप्रीम कोर्ट केस का उल्लंघन कर रहे हैं। आप इस मुल्क को बचा लीजिए।

संसद में अमित शाह ने क्या कहा?
बिल पेश करते हुए अमित शाह ने कहा, "इन देशों के मुस्लिम सज्जन अगर भारत में नागरिकता का आवेदन करते हैं तो उन पर खुले मन से विचार होगा। लेकिन उन्हें धार्मिक प्रताड़ना के आधार पर नागरिकता देने पर विचार नहीं किया जाएगा।"
- "पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के संविधान में इस्लाम को राज्य का धर्म माना गया। वहां हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी लोगों पर अत्याचार और धार्मिक प्रताड़ना हुई।"
- "नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 में संविधान के किसी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं हुआ है।"संसद में विधेयक के विरोध में किसने क्या कहा?

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios