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लगातार बिगड़ रही दिल्ली-NCR की हवा, केंद्रीय मंत्री ने पराली को लेकर दी केजरीवाल को सलाह-आपको कौन रोक रहा है?

दिवाली पर पटाखों पर बैन लगाने के बाद AAP सरकार को उम्मीद थी कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर कंट्रोल होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। यहां की हवा लगातार खराब होती जा रही है।  पंजाब में पराली जलाने पर सख्ती नहीं दिखाने का दिल्ली की हवा पर बुरा असर पड़ रहा है। इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

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First Published Nov 3, 2022, 7:39 AM IST

नई दिल्ली. दिवाली पर पटाखों पर बैन लगाने के बाद AAP सरकार को उम्मीद थी कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर कंट्रोल होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। यहां की हवा लगातार खराब होती जा रही है। पूरे दिल्ली में धुआं और कम दृश्यता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index-AQI) वर्तमान में नोएडा (UP) में 'वेरी पुअर' श्रेणी में 393, गुरुग्राम (हरियाणा) में 'वेरी पुअर' श्रेणी में 318 जबकि दिल्ली एयरपोर्ट टी 3 के पास 'वेरी पुअर' श्रेणी में 333 दर्ज किया गया है। दिल्ली का ओवरऑल AQI वर्तमान में 396 (बहुत खराब श्रेणी) पर है। बता दें कि जीरो से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब माना जाता है। पॉल्युशन को राजनीति गहराई...

पंजाब में पराली जलाने का दोष AAP ने केंद्र सरकार पर मढ़ा
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खराब कैटेगरी में है। इसकी वजह पंजाब में पराली का जलाया जाना है। पंजाब में पराली जलाने पर सख्ती नहीं दिखाने का दिल्ली की हवा पर बुरा असर पड़ रहा है। इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

बुधवार(2 नवंबर) को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने चौंकाने वाला बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रही है। राय ने  कहा कि बीजेपी को पराली जलाने के लिए किसानों को गाली देना बंद कर देना चाहिए। यह किसानों को उनके कृषि विरोधी कानून के विरोध के कारण नफरत करती है। राय ने कहा-मैं लोगों से अपील करता हूं, यदि संभव हो तो घर से काम करें और निजी वाहन निकालने से बचें। 50% प्रदूषण वाहनों से होता है। लोगों को पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए। पंजाब में पराली जलाना केंद्र के कारण हो रहा है, क्योंकि उन्होंने इसे रोकने के लिए पंजाब सरकार, किसानों का समर्थन नहीं किया। क्लिक करके पढ़ें पूरी डिटेल्स

केंद्र सरकार ने दिया था जवाब
AAP सरकार के आरोपों पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि पंजाब में खेतों में आग लगाए जाने की घटना में 2021 की तुलना में 19 फीसदी की वृद्धि हुई है। आप ने दिल्ली को गैस चैंबर में बदल दिया है। केंद्रीय मंत्री ने तर्क दिया था कि  पिछले 5 साल में केंद्र सरकार ने पंजाब को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के लिए 1,347 करोड़ रुपए दिए। राज्य ने 1,20,000 मशीनें खरीदीं। उनमें से 11,275 मशीनें गायब हो गई हैं। पराली की समस्या से निपटने के लिए खर्च हुए पैसे में घोटाला किया गया है। क्लिक करके पढ़ें पूरी डिटेल्स

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किसानों को भड़का रहे मान, केंद्र पर लगा रहे झूठे आरोप : खट्टर का दावा
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पराली जलाने के मुद्दे पर बुधवार को भगवंत मान पर निशाना साधा था और पंजाब के मुख्यमंत्री पर किसानों को भड़काने और केंद्र पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया था। भाजपा नेता ने पराली जलाने के मुद्दे पर मान द्वारा दिए जा रहे बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। खट्टर ने कहा कि मान पराली जलाने का समाधान खोजने की बजाय आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। खट्टर ने यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा, "भगवंत मान किसानों को भड़का रहे हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के बजाय, उन्हें पराली प्रबंधन पर एक विस्तृत रणनीति तैयार करनी चाहिए।"

मान ने बुधवार को पंजाब के किसानों को खेत में आग लगाने के लिए "टार्गेट" करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र की आलोचना की, आरोप लगाया कि भगवा पार्टी अब निरस्त किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल के आंदोलन के साथ अपने "अहंकार" को तोड़ने के लिए राज्य के उत्पादकों का बदला लेना चाहती है।

उनका बयान भाजपा द्वारा पराली जलाने के मामलों की बढ़ती संख्या को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधने के एक दिन बाद आया है। प्रदूषण के लिए राज्य के किसानों को बदनाम करने के लिए भाजपा पर और हमला करते हुए मान ने केंद्र से पूछा कि वह हरियाणा जैसे आसपास के क्षेत्रों के बारे में क्यों नहीं बोलता है, यह सोचकर कि क्या "स्विट्जरलैंड बसा हुआ है?"

इस पर खट्टर ने पलटवार करते हुए कहा कि पंजाब को हरियाणा के नक्शेकदम पर चलना चाहिए और किसानों को पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस साल हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 25 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2022 में अब तक हरियाणा में खेतों में आग लगने की केवल 2,249 घटनाएं हुई हैं, जबकि पंजाब में इन घटनाओं में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पंजाब में अब तक 21,500 ऐसी घटनाएं हुई हैं।" खट्टर ने कहा कि आप नेता पहले मुफ्त उपहार की घोषणा करते हैं और फिर अपने 'फर्जी वादों' को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से मदद की उम्मीद करते हैं। 

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