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देश में हर रोज औसतन 15 लाख टीके लग रहे, ऐसे ही वैक्सीनेशन हुआ, तो हार्ड इम्युनिटी पाने में 3.5 साल लगेंगे

भारत में कोरोना वायरस की दसरी लहर का कहर जारी है। इसी बीच वैज्ञानिकों ने तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है। कोरोना वायरस से निपटने में वैक्सीन को प्रमुख हथियार माना जा रहा है। हालांकि, कुछ राज्यों ने वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। 

At current rate of Covid 19 vaccination India may take 3.5 years to reach herd immunity KPP
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New Delhi, First Published May 11, 2021, 6:59 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस की दसरी लहर का कहर जारी है। इसी बीच वैज्ञानिकों ने तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है। कोरोना वायरस से निपटने में वैक्सीन को प्रमुख हथियार माना जा रहा है। हालांकि, कुछ राज्यों ने वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। 

भारत में वैक्सीनेशन 16 जनवरी को शुरू हुआ था। अब तक वैक्सीनेशन को 100 से ज्यादा दिन हो गए हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए लंबी दौड़ बाकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर भारत सरकार इसी रफ्तार से वैक्सीनेशन करती रही तो पूरी आबादी में 70% लोगों को वैक्सीनेशन करने में 3.5 साल लग सकता है। 
 
हार्ड इम्युनिटी के लिए 94.5 करोड़ लोगों को वैक्सीनेशन की जरूरत
भारत में 135 करोड़ की आबादी है। हालांकि, कोरोना के खिलाफ हार्ड इम्युनिटी के लिए करीब 94.5 करोड़ लोगों को वैक्सीनेशन की जरूरत पड़ेगी। इतने लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सिन की 189  करोड़ डोज की जरूरत पड़ेगी। 
 
115 दिन में 17 करोड़ लोगों को लगी वैक्सीन
भारत में 115 दिन में 17 करोड़ वैक्सीन की डोज लगाई गई हैं। यानी हर रोज करीब 15 लाख डोज दी जा रही हैं, वहीं, महीने में औसतन 4.5 करोड़ डोज। अभी के आंकड़ों को देखें तो भारत में एक साल में 54 करोड़ डोज लगाई जा सकती हैं। यानी 189 करोड़ डोज के लिए 3.5 साल लगेगी। 

कैसे हार्ड इम्युनिटी तक पहुंचेगा देश ?

भारत की आबादी 135 करोड़ 
हार्ड इम्युनिटी के लिए वैक्सीनेशन 94.5 करोड़
कितनी वैक्सीन डोज की होगी जरूरत 189 करोड़
अभी हर रोज वैक्सीन लग रहीं 15 लाख (औसतन)
हर महीने (औसतन) 4.5 करोड़ डोज
189 करोड़ डोज लगने में समय लगेगा 3.5 साल


ये आंकडे़ संतोष देने वाले
कोरोना वैक्सीन की कमी के आरोपों पर केंद्र ने पलटवार करते हुए कहा कि 10 मई तक 45 से 60 साल के बीच 5,54,97,658 लोगों को पहली डोज दी गई। वहीं, 71,73,939 लोगों को दूसरी डोज दी गई। इसके अलावा सरकार ने बताया कि अब तक राज्यों को 18 करोड़ वैक्सीन की डोज दी गई हैं। वहीं, 17 करोड़ इस्तेमाल हुई हैं। जबकि एख लाख डोज अभी भी बची हैं। 

तेज वैक्सीनेशन के लिए इजराइल जैसे छोटे देश से सीखने की जरूरत
भारत आबादी के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। इसके बावजूद भारत में वैक्सीनेशन की गति अमेरिका और चीन से ज्यादा तेज है। इसके बावजूद भारत को इजराइल जैसे छोटे देश से सीखने की जरूरत है। इजरायल में 90 लाख की आबादी है। ऐसे में यहां अब तक 70-80% वयस्कों को वैक्सीन दी जा चुकी है। इसका फायदा ये हुआ कि जहां हर रोज कोरोना के 10000 से ज्यादा केस सामने आ रहे थे, वहीं, अब ये हर दिन 100 केस पर आ गए। 

कैसे किया तेज वैक्सीनेशन  
इजराइल में राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत वैक्सीनेशन किया गया। यहां अस्पतालों, सार्वजनिक हेल्थ सिस्टम, एंबुलेंस, पुलिस बल और सेना सभी को इस कार्य में लगाया गया। इसके बाद लोगों के वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन किए गए। उन्हें एक डेट दी गई, जिस पर उन्हें चयनित स्थान पर वैक्सीनेशन के लिए जाना था। ताकि सेंटर्स पर भीड़ ना हो। इसके अलावा सेंटर्स पर सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया। 

इसके अलावा जब आखिरी में वैक्सीन बच जाती थी, उसके लिए लोगों को स्टैंडबाय पर रखा गया, ताकि वैक्सीन बर्बाद ना हो। वैक्सीनेशन में पुलिस, फायर ब्रिगेड, अनिवार्य सेवाओं से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी गई।

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