भारत की अंतरिक्ष एजेंसी Indian Space Research Organisation यानी इसरो ( ISRO) इस महीने के आखिरी में  निजी क्षेत्र का पहला उपग्रह सतीश धवन सैटेलाइट लॉन्च करेगी। खास बात ये है कि इस सैटेलाइट में भगवद गीता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फोटो होगी। इतना ही नहीं यह सैटेलाइट 25,000 भारतीय लोगों (खासकर छात्रों) का नाम लेकर अंतरिक्ष में पहुंचेगा। 

नई दिल्ली. भारत की अंतरिक्ष एजेंसी Indian Space Research Organisation यानी इसरो ( ISRO) इस महीने के आखिरी में निजी क्षेत्र का पहला उपग्रह सतीश धवन सैटेलाइट लॉन्च करेगी। खास बात ये है कि इस सैटेलाइट में भगवद गीता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फोटो होगी। इतना ही नहीं यह सैटेलाइट 25,000 भारतीय लोगों (खासकर छात्रों) का नाम लेकर अंतरिक्ष में पहुंचेगा। 

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ISRO इस सैटेलाइट को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान PSLV-C51 से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ लॉन्च करेगा। इसरो 28 फरवरी को ब्राजील के सैटेलाइट अमेजोनिया-1 और तीन भारतीय पेलोड लॉन्च करेगा। इनमें एक भारतीय स्टार्टअप द्वारा भी बनाया गया है। इन उपग्रहों को चेन्नई से 100 किमी दूर श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल PSLV-C51 से लॉन्च किया जाएगा। 

1000 नाम भारत के बाहर के लोगों के भी 
भारतीय स्टार्टअप स्पेसकिड्ज इंडिया ने बताया कि यह उनका पहला उपग्रह है। मीडिया से बातचीत में स्पेसकिड्स के सीईओ श्रीमथि केसन ने बताया कि जब उन्होंने लोगों से उनके नाम भेजने को कहा, जिन्हें अंतरिक्ष में भेजा जाना था। इसके बाद एक हफ्ते में ही 25000 आवेदन मिले। इनमें से 1000 भारत के बाहर के नाम भी थे। 

क्यों भेजी जा रही पीएम मोदी और भगवत गीता की तस्वीर
सैटेलाइट में भगवत गीता और पीएम मोदी की तस्वीर भेजने के फैसले को लेकर केसन ने बताया कि उन्होंने यह फैसला नासा के दूसरे मिशन को देखते हुए लिया। उन्होंने बताया कि अन्य स्पेस मिशन में बाइबल लेकर जाते थे। उन्होंने बताया कि ये सैटेलाइट आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगी, क्योंकि यह स्वदेशी है। इसलिए इसमें पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।