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नए युग की विश्व राजनीति में भारत की जगह को परिभाषित करने वाले राजनेता बन गए हैं नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) नए युग की विश्व राजनीति में भारत की जगह परिभाषित करने वाले राजनेता बन गए हैं। मोदी के 72वें जन्मदिन पर प्रोफेसर एस बलराम कैमल ने उनके व्यक्तित्व और दूरदर्शिता पर प्रकाश डाला है।

Blog Prime Minister Narendra Modi the statesman with a dream for India vva
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First Published Sep 17, 2022, 7:31 PM IST

नई दिल्ली। आज विश्वकर्मा जयंती है। विश्वकर्मा जयंती कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है, जब सूर्य सिंह से कन्या राशि में प्रवेश करता है। भगवान विश्वकर्मा विश्व के शिल्पी हैं। आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 72वां जन्मदिन भी है। नरेंद्र मोदी शक्तिशाली, सशक्त और उद्देश्यपूर्ण नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। इसके साथ ही वह ऐसे राजनेता बन गए हैं जो नए युग की विश्व राजनीति में भारत की जगह परिभाषित कर रहा है। नरेंद्र मोदी ने स्कूली बच्चों से चर्चा के दौरान कहा था कि उनके जीवन का लक्ष्य कभी प्रधानमंत्री बनना नहीं था, लेकिन मुझे विश्वास है कि यह उनकी महत्वाकांक्षा थी। उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर एक-एक कदम बढ़ाया और उसे हासिल किया। उन्होंने जिस प्रकार कामयाबी पाई यह किसी भी इंसान के लिए एक आदर्श है।

जल्दबाजी में रहते हैं युवा
आज के युवा जल्दबाजी में रहते हैं। उनके पास टारगेट तय करने और उसे प्राप्त करने का अनुभव नहीं है। यही कारण है कि हमारा देश विकास के मामले में पीछे है। बच्चों को स्कूल में प्लानिंग की शिक्षा नहीं मिलती। अमेरिका इसलिए सफल है क्योंकि वहां के प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को प्लान बनाना और उसपर काम करना सिखाया जाता है।

क्या आपने कभी सोचा है कि एक ईंट पूरी इमारत से कैसे जुड़ती है? संस्कृत में इसे 'इष्टी' और 'समष्टि' कहते हैं। 'इष्टी' का मतलब ईंट और 'समष्टि' मतलब निर्माण है। हजारों अलग-अलग ईंटों से बनी होने के बाद भी इमारत एक संरचना की तरह दिखती है। ईंटों से एक अच्छी इमारत बनाते समय दो बातें महत्वपूर्ण होती हैं। पहली बात है कि ईंटों को एक-दूसरे से सही तरीके से जोड़ना और दूसरी बात है कि प्रत्येक ईंट अपनी जगह पर फिट होना चाहिए, उसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए। 

समाज और देश का निर्माण भी कुछ ऐसा ही है। समाज और देश का निर्माण इस प्रकार होना चाहिए कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार उचित स्थान पर रखा जाए। प्रत्येक नागरिक राष्ट्र की इकाई है। उसे खुद राष्ट्र निर्माण के लिए तैयारी करनी चाहिए। समाज के प्रत्येक सदस्य को सामाजिक निर्माण के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए।

शिक्षा प्राप्त करना उसी का हिस्सा है। इसके साथ ही लक्ष्य ध्यान में रखना और उसे हासिल करने के लिए अथक परिश्रम करना जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को महसूस करना चाहिए कि उसका मिशन क्या है और इसके लिए तैयारी करनी चाहिए। मोदी का प्रारंभिक काल कुछ और नहीं बल्कि खुद को सर्वश्रेष्ठ ईंट बनने के लिए तैयार करना था।

आठ साल की उम्र में शुरू हुआ था नरेंद्र मोदी का सामाजिक जीवन 
नरेंद्र मोदी ने राजनेता और संवैधानिक पदों पर प्रतिनियुक्त व्यक्ति के रूप में ऐसा किया है। उनका सामाजिक जीवन आठ साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में बाल स्वयंसेवक के रूप में शुरू हुआ। उन्होंने 1971 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने पहले सत्याग्रह में भाग लिया और फिर बांग्लादेश की मुक्ति की मांग करने वाले जनसंघ का हिस्सा बने। इस आंदोलन के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा। इस प्रकार उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई।

1975 में आपातकाल की घोषणा हुई थी। नरेंद्र मोदी ने आपातकाल विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। 1980 में जनसंघ बीजेपी बन गया। 1975 से 2000 के बीच नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत की यात्रा की। इस अनुभव का इस्तेमाल उन्होंने दो प्रमुख राजनीतिक यात्राओं (अयोध्या आंदोलन के दौरान लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा और मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा) का हिस्सा बनकर किया। इससे भाजपा की लोकप्रियता और राजनीतिक ताकत बढ़ी।

लोगों को करीब से जानते हैं नरेंद्र मोदी 
नरेंद्र मोदी के पास लोगों को करीब से जानने का अनुभव है। इसके चलते वह आम मतदाताओं की मानसिकता के साथ ही भारत के युवाओं के विचारों और परिवर्तनों को भी समझते हैं। जो नेता युवाओं को गले नहीं लगाता वह भारत की डिजिटल क्रांति का राजनीतिक नेतृत्व कैसे कर सकता है? वह भारतीय युवाओं को कल की जरूरत के बारे में बता सकते हैं।

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नरेंद्र मोदी मूलचंद मोदी के छह बच्चों में से तीसरे संतान हैं। मूलचंद मोदी अपनी पत्नी हीराबेन के साथ चाय की दुकान चलाते थे। नरेंद्र मोदी भी बचपन में अपने भाई के साथ चाय बेचते थे। उन्हें जन्म से विशेषाधिकार नहीं मिला था। उनके परिवार या रिश्तेदारों में उनका कोई राजनीतिक गॉडफादर नहीं था। वह न केवल भारत के प्रधानमंत्री हैं, बल्कि वे वर्तमान भारत के सबसे शक्तिशाली और लोकप्रिय राजनीतिक नेता भी हैं।

नरेंद्र मोदी वैश्विक रेटिंग में भी सबसे ऊपर हैं। वह ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जिसे रूस और अमेरिका दोनों खुश करना चाहते हैं। वह एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने नए युग की विश्व राजनीति में भारत की जगह को परिभाषित किया है। अमेरिका और रूस वैश्विक मामलों पर नरेंद्र मोदी के रुख की ओर उत्सुकता से देखते हैं। कभी चाय की दुकान पर काम करने वाला लड़का अब भारत को सबसे बड़ी विश्व शक्ति बनाने का सपना देखता है। वह भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात करते हैं और इसके लिए प्रयास करते हैं। वह चाहते हैं कि दुनिया भारत केंद्रित हो।

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नोट- लेखक चेन्नई के सविता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जैव रसायन विभाग में प्रोफेसर हैं। व्यक्त विचार निजी हैं।
 

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