सितंबर में इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों में  प्रवेश के लिए NEET-JEE की परीक्षाएं होनी हैं। विपक्ष कोरोना काल में परीक्षा कराने का लगातार विरोध कर रहा है। इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने NEET-JEE परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है।

भोपाल. सितंबर में इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET-JEE की परीक्षाएं होनी हैं। विपक्ष कोरोना काल में परीक्षा कराने का लगातार विरोध कर रहा है। इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने NEET-JEE परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। सीएम शिवराज सिंह ने ऐलान किया है कि NEET-JEE परीक्षार्थियों को सेंटर तक पहुंचने के लिए सरकार मुफ्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। कोरोना को देखते हुए इसे सरकार का बड़ा कदम बताया जा रहा है।

शिवराज सिंह ने ट्वीट किया, JEE-NEET 2020 की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मेरे प्यारे बच्चों ब्लॉक, जिला मुख्यालय से परीक्षा केंद्र तक जाने की मैंने निशुल्क परिवहन की व्यवस्था की है। इस सुविधा का लाभ आप 31 अगस्त से 181 पर संपर्क कर या https/mapit.gov.in/covid-19 पर रजिस्टर कर ले सकते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

परीक्षार्थी के साथ जा सकता है एक शख्स
इतना ही नहीं मध्यप्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि परिवहन की व्यवस्था स्थानीय जिला प्रशासन करेगा। इसके अलावा परीक्षार्थी के साथ एक अभिभावक भी सेंटर तक सरकार की फ्री परिवहन व्यवस्था से जा सकेगा। 

सितंबर में होंगी परीक्षाएं
एजेंसी द्वारा जेईई-मेन और नीट एग्जाम्स की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। जेईई एग्जाम 1 से 6 सितंबर के बीच कराई जाएगी। जबकि नीट परीक्षा 13 सितंबर को होगी। हालांकि, कोरोना के चलते सरकार ने परीक्षा सेंटरों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना, मास्क पहनने जैसे नियमों को अनिवार्य किया है।

विपक्ष कर रहा विरोध
कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष NEET और JEE की परीक्षा कराने का विरोध कर रहा है। हाल ही में कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस शासित और समर्थित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में ममता बनर्जी भी शामिल हुई थीं। इस दौरान राज्यों ने परीक्षा कराने के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया था।

परीक्षा चाहते हैं छात्र
वहीं, लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी इस मामले में सफाई दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सरकार के NEET और JEE एग्जाम कराने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, छात्र और उनके परिवार परीक्षाएं चाहते हैं। इसलिए वे लगातार दबाव बना रहे हैं। यहां तक की जेईई एग्जाम के 80% छात्र एडमिट कार्ड भी डाउनलोड कर चुके हैं।