दिल्ली शराब घोटाला (Delhi Liquor Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को 9 मार्च को गिरफ्तार किया था। इस मामले में सिसोदिया द्वारा दायर की गई जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) शराब घोटाला (Delhi Liquor Scam) मामले में तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद हैं। उनके खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी ने सिसोदिया को 9 मार्च को तिहाड़ जेल में गिरफ्तार किया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस मामले में जमानत के लिए सिसोदिया ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी लगाई थी। शुक्रवार को कोर्ट ने सिसोदिया की अर्जी खारिज कर दी। इसके साथ ही कोर्ट ने सह-अभियुक्त राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा की जमानत याचिकाओं पर आदेश को 6 मई तक के लिए टाल दिया है। मनीष सिसोदिया राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

क्या है दिल्ली आबकारी नीति मामला?
मनीष सिसोदिया दिल्ली आबकारी नीति मामले में जेल में बंद हैं। इसे दिल्ली शराब घोटाला भी कहा जा रहा है। सिसोदिया उपमुख्यमंत्री के साथ ही आबकारी विभाग के मंत्री भी थे। दिल्ली सरकार ने शराब बेचने के लिए नई आबकारी नीति बनाई थी। इसे 17 नवंबर 2021 को लागू किया गया था। नई आबकारी नीति लागू होने के बाद आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। सितंबर 2022 के अंत में सरकार ने नई आबकारी नीति रद्द कर दिया और पुरानी नीति लागू कर दी।

सीबीआई ने 26 फरवरी को किया था मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार
दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा पत्र लिखने पर सीबीआई ने केस दर्ज किया और शराब घोटाला की जांच शुरू की। इस मामले में हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी कर रही है। सिसोदिया पर आरोप लगाया गया है कि नई आबकारी नीति बनाते वक्त अनियमितताएं की गईं। अपने पसंद के कारोबारियों को गलत तरीके से लाइसेंस दिया गया। इसके बदले रिश्वत ली गई। मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी पूछताछ की है।