NEET -पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी को लेकर दिल्ली में बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर 11 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों का दावा है कि पुलिस ने सोमवार को उन पर लाठीचार्ज किया और अभद्रता की। कुछ साथियों को हिरासत में लेकर भी अभद्रता की गई। डॉक्टरों का कहना है कि पुलिस जब तक लिखित में माफी नहीं मांगती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। 

नई दिल्ली। राजधानी में डॉक्टरों और पुलिस (Doctors Strike) के बीच हुई तनातनी के के बाद मंगलवार शाम पुलिस की तरफ से इस मामले में प्रतिक्रिया आई है। सेंट्रल दिल्ली की एडिशनल पुलिस कमिशनर सुमन गोयल का दावा है कि डॉक्टरों को पीटा नहीं गया और न ही अभद्रता की गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने आईटीओ जंक्शन जाम कर दिया था। वे सुप्रीम कोर्ट की तरफ जा रहे थे, इसलिए उन्हें रोक दिया गया था। गोयल ने बताया कि काउंसलिंग संबंधी मांगों को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार सुबह एडीजीपी और डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज निर्माण भवन पहुंचे। इसके साथ ही कुछ डॉक्टरों ने सुबह साढ़े 9 बजे आईटीओ जंक्शन पर जाम लगा दिया। अपनी मांगों को लेकर (NEET PG काउंसलिंग कराने) वे सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च करने लगे तो पुलिस ने एहतियातन कुछ डॉक्टरों को हिरासत में लिया था। इस पर डॉक्टर भड़क गए और पुलिस के साथ हाथापाई और पथराव किया। 

रात 8 बजे रेजिडेंट डॉक्टरों की बैठक
उधर, पुलिस के इस बयान के बाद फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) के अध्यक्ष मनीष ने कहा कि हमारी हड़ताल अभी भी जारी है। हम आईटीओ में रेजिडेंट डॉक्टरों के कल के विरोध के दौरान पुलिस की बर्बरता के लिए लिखित माफी की मांग करते हैं। मनीष ने कहा कि आगे की कार्रवाई के लिए हमने रात 8 बजे सभी रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ बैठक बुलाई है। हड़ताल को लेकर इस बैठक में फैसला होगा। 

क्या है मामला :  NEET -पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी को लेकर दिल्ली में बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर 11 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों का दावा है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया और अभद्रता की। इसमें हमारे कई रेजिडेंट डॉक्टर घायल हुए। डॉक्टर पुलिस के माफी मांगने की बात पर अडे़ हैं। उन्होंने मंगलवार सुबह से काम बंद कर दिया। इससे सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पतालों के साथ ही दिल्ली सरकार के कुछ अस्पतालों में मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ है। 

डॉक्टरों का सम्मान करती है पुलिस
डॉक्टरों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और लाठी चार्ज करने के आरोप लगाए हैं, लेकिन एडिशनल कमिशनर का दावा है कि पुलिस की तरफ से डॉक्टरों पर कोई बल नहीं प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से हुई झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। कुछ पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। गोयल ने कहा कि दिल्ली पुलिस डॉक्टरों का सबसे ज्यादा सम्मान करती है। इसलिए उनके खिलाफ किसी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की गई। 

मंत्री ने मांगी माफी  इस बीच केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने डॉक्टरों से माफी मांगते हुए उनसे काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने की वजह से काउंसलिंग में देरी हो रही है। 6 जनवरी को इस मामले की सुनवाई होनी है, इससे पहले सरकार अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर देगी। 

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एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल
रात करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी। दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात में कई चीजें स्पष्ट हुई हैं। उन्होंने जल्द से जल्द काउंसलिंग कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने पुलिस के बर्ताव के लिए खेद भी जताया। इसे देखते हुए हम हड़ताल वापस लेते हुए सेवाएं शुरू रहे हैं। 

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