जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 निष्प्रभावी होने के बाद पहली बार सरकारी जॉब निकली हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 33 नॉन गैजेट पदों के लिए देशभर से आवेदन मंगाए हैं। घाटी में यह पहली ऐसी सरकारी नौकरी है, जिसमें कश्मीर और लद्दाख के स्थानीय निवासी होने की सीमाएं लागू नहीं होंगी।  

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 निष्प्रभावी होने के बाद पहली बार सरकारी जॉब निकली हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 33 नॉन गैजेट पदों के लिए देशभर से आवेदन मंगाए हैं। घाटी में यह पहली ऐसी सरकारी नौकरी है, जिसमें कश्मीर और लद्दाख के स्थानीय निवासी होने की सीमाएं लागू नहीं होंगी।

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यहां स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट और ड्राइवर की पोस्ट निकाली गई हैं। आवेदक एक से ज्यादा पदों के लिए भी आवेदन कर सकता है। आरक्षित श्रेणियों में चयन जम्मू-कश्मीर आरक्षण नियम, 2005 के आधार पर होगा, जिसके तहत खाली पद स्थानीय निवासियों के लिए रिसर्व रहेंगे।

17 पर ओपन मैरिट के आधार पर सिलेक्शन 
जिन 33 पदों पर जगह निकली हैं, 17 पर ओपन मैरिट के आधार पर सिलेक्शन होगा। यानी जम्मू कशमीर के बाहर का भी कोई आसानी से सिलेक्ट हो सकता है। जम्मू कश्मीर की क्षेत्रीय भाजपा इकाइयों ने हाल ही में दिल्ली में पार्टी आलाकमान को एक ज्ञापन सौंपा था, इसमें मांग की गई थी कि कश्मीर के निवासियों के लिए नौकरियों में कुछ रियायतें दी जाएं। साथ ही यह भी कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर की नागरिकता के लिए कम से कम लोगों को वहां 15-20 साल रहना अनिवार्य किया जाए। 

भाजपा की जम्मू इकाई के सूत्रों ने कहा कि वे उम्मीद कर रहे थे कि केंद्र सरकार एससी, एसटी और ओबीसी की जगह सभी जम्मू-कश्मीर के सभी स्थायी निवासियों को आरक्षण देगी। इन पदों के लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर के लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जम्मू कश्मीर के स्थानीय लोगों को फॉर्म जिला न्यायालयों से मिलेंगे।