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कहीं फिर से रफूचक्कर न हो जाए भगोड़ा मेहुल चोकसी, इसलिए डोमिनिका HC ने बेल देने से किया मना

पंजाब नेशनल बैंक से घोटाला करके भागे भगोड़े मेहुल चोकसी को डोमिनिका हाईकोर्ट ने 'फ्लाइट रिस्क' का हवाला देकर जमानत देने से मना कर दिया। मेहुल के वकील ने उसकी खराब सेहत के आधार पर जमानत मांगी थी। यह केस अवैध तरीके से डोमिनिका देश में प्रवेश करने से जुड़ा है।

PNB scam, Dominica High Court rejects the bail plea of fugitive Mehul Choksi kpa
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New Delhi, First Published Jun 12, 2021, 8:16 AM IST
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नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक(PNB) से 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला करके भागे मेहुल चोकसी के एक दूसरे मामले में कैरेबियन आइसलैंड देश डोमिनिका की हाईकोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया। मेहुल के वकील ने उसके खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने फ्लाइट रिस्क(कभी भी देश छोड़कर भाग सकता है) का हवाला देकर जमानत नहीं दी। सरकारी वकील लेनोक्स लॉरेंस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि मेहुल भाग सकता है।

अवैध रूप से डोमिनिका में एंट्री का का मामला
बता दें कि यह सुनवाई मेहुल के अवैध तरीके से डोमिनिका में घुसने के मामले में चल रही है। 23 मई को मेहुल चोकसी एंटीगुआ से गायब हो गया था। 2 दिन बाद उसे डोमिनिका में पकड़ा गया था। भारत लगातार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। 

मेहुल की यह है कहानी
मेहुल ने 2013 में शेयर बाजार में हेराफेरी करके यह फ्रॉड किया था। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निकला हुआ है, लेकिन इस बीच वो एंटीगुआ भाग निकला। जांच एजेंसियों ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी अब तक 2,500 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। मेहुल ने एंटीगुआ और बारबुडा में काफी बड़ा निवेश कर रखा है। उसने वहां की नागरिकता ले ली है। उसे नवंबर, 2017 में कैरेबियाई राष्ट्र द्वारा निवेश कार्यक्रम के तहत नागरिकता दी थी। मार्च में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया था कि भगोड़े विजया माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को जल्द भारत लाया जाएगा। वे राज्यसभा में बीमा संशोधन विधेयक पर एक बहस का जवाब दे रही थीं।

जनवरी, 2008 में देश छोड़ा था
मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील ने  जून, 2017 को बंबई हाई कोर्ट में सफाई दी थी कि हीरा कारोबारी इलाज के लिए एंटीगुआ गया है, न कि भागा है। चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि उसने मेडिकल जांच और उपचार के लिए जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। इसक बाद मेहुल लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर भारत लौटने में असमर्थता जताता रहा। चोकसी के अलावा उसका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी घोटाले के आरोप हैं। ईडी और और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों इनकी तलाश कर रही हैं।

इलाज के बहाने भारत से भागा था
मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील ने  जून, 2017 को बंबई हाई कोर्ट में सफाई दी थी कि हीरा कारोबारी इलाज के लिए एंटीगुआ गया है, न कि भागा है। चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि उसने मेडिकल जांच और उपचार के लिए जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। इसक बाद मेहुल लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर भारत लौटने में असमर्थता जताता रहा। चोकसी के अलावा उसका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी घोटाले के आरोप हैं। ईडी और और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों इनकी तलाश कर रही हैं। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था मेहुल की एंटीगुआ  और बारबूडा ने नागरिकता रद्द कर दी है। इस पर मार्च में उसके वकील विजय अग्रवाल ने सफाई दी थी कि यह मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है। अभी उसकी नागरिकता रद्द नहीं की गई है। वहां के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने भी तब कहा था कि मेहुल ने कानूनी रास्ता अपनाया है। इसलिए इस मामले को सुलझने में 7 साल लग जाएंगे।

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