हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में देश का एक मात्र ऐसा थाना है, जिसमें आजादी के बाद यानि पूरे 75 साल से एक भी शिकायतें नहीं आई हैं। यहां जो भी कोई घटना होती है, उसे ग्रामीण आपस में मिल-जुलकर सुलझा लेते हैं।

शिमला (हिमाचल). देश में अपराध की घटनाएं इतनी तेजी से बढ़ रही हैं कि रोजाना पुलिस थानों लाखों एफआईआर दर्ज हो जाती हैं। आलम यह है कि पुलिस और कोर्ट मामलों को सुलझने में कम पड़ जाती है। लेकिन हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में देश का एक मात्र ऐसा थाना है, जिसमें आजादी के बाद यानि पूरे 75 साल से एक भी शिकायतें नहीं आई हैं। यहां जो भी कोई घटना होती है, उसे ग्रामीण आपस में मिल-जुलकर सुलझा लेते हैं।

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वजह देवी-देवताओं में अटूट-विश्वास...
दरअसल, यह अनोखा पुलिस थाना शिमला जिले के ट्राइबल एरिया में पड़ने वाला थाना है, जो कि चिड़गांव में मौजूद है। यहां के निवासी शिकायतें लेकर कोई भी 75 से अब तक पुलिस थाने नहीं गया है। क्योंकि लोगों में आपस में इतना प्यार और भाईचारा है कि कोई भी मामला हो वह आपस में ही सुलझा लेते हैं। वजह है, लोगों का देवी-देवताओं में अटूट-विश्वास, वह भगवान की दुहाई देकर उनके सामने सच बोलकर सब स्वीकार करते हुए हर परेशानी का हल निकाल लेते हैं।

समय और पैसा दोनों बचाते हैं गांववाले
चिड़गांव थाने इलाके में जितने भी गांव पड़ते हैं, वह धार्मिक ज्यादा हैं, यही कारण हैं कि कोई भी गांव से अब तक शिकायत का मामला थाने नहीं पहुंचा है। लोगों का कहना है कि कोर्ट कचहरी में समय और पैसा दोनों खराब होता है, इससे बेहतर है कि मामला आपस में सुलझा लिया जाए। इसलिए किसी भी तरह के लड़ाई झगड़े, जमीन विवाद और अन्य तरह के मामले आपस में बैठकर ही सुलझा लिए जाते हैं।

समुद्रतल से 14830 फीट ऊंचाई पर है यह इलाका
बता दें कि यह अनोखा थाना डोडरा क्वार चांशल घाटी के पार बना हुआ है। जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से 14830 फीट है। डोडरा क्वार क्षेत्र में 5 गांव हैं, जिनकी आबादी लगभग 8 हजार है। लेकिन डोडरा क्वार के निवासी 6 महीने ही यहां रह पाते हं, क्योंकि ज्यादा बारिश की वजह नीचे पहाड़ी से उतरकर दूसरी जगह चले जाते हैं, साल में 6 महीने डोडरा क्वार के लोग शेष दुनिया से पूरी तरह से कट जाते हैं, क्योंकि चांशल दर्रा में 15 से 20 फीट तक बर्फ गिरती है। जिसके चलते गांव के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं।