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कहीं आपका पार्टनर डिप्रेशन का शिकार तो नहीं, जानें ऐसी स्थिति में क्या करें

रिलेशनशिप के दौरान कभी-कभार किसी पार्टनर का व्यवहार कुछ अजीब होता है, जैसे बिना किसी बात के गुस्सा करना, झुंझलाना या कुछ ऐसा करना जिसके पीछे कोई लॉजिक समझ में नहीं आए। अक्सर डिप्रेशन का शिकार होने पर लोग ऐसा व्यवहार करते हैं।

If your partner is a victim of depression, know what to do in such a situation KPI
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New Delhi, First Published Dec 19, 2019, 12:27 PM IST
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रिलेशनशिप डेस्क। रिलेशनशिप के दौरान कभी-कभार किसी पार्टनर का व्यवहार कुछ अजीब होता है, जैसे बिना किसी बात के गुस्सा करना, झुंझलाना या कुछ ऐसा करना जिसके पीछे कोई लॉजिक समझ में नहीं आए। अक्सर डिप्रेशन का शिकार होने पर लोग ऐसा व्यवहार करते हैं। दरअसल, आजकल करीब-करीब हर शख्स तनाव की समस्या का शिकार है। इसके पीछे कई कारण होते हैं। डिप्रेशन की समस्या का शिकार कोई हो सकता है। इसके लक्षणों को समझना जरूरी होता है। डिप्रेशन के शिकार लोगों की रुचि रोमांस और संबंध बनाने में घटने लगती है। लेकिन पार्टनर अगर इनके साथ सहानुभूतिपूर्ण तरीके से पेश आए तो इनकी समस्या का समाधान हो सकता है।

1. पार्टनर की बातों पर गुस्सा न करें
अगर पार्टनर ने आपसे कुछ ऐसी-वैसी बात की हो जो सही नहीं हो, फिर भी आप धैर्य रखें। इस बात को समझने की कोशिश करें कि सामान्य हालत में कोई ऐसी बातें नहीं कर सकता। डिप्रेशन में मूड स्विंग होने की समस्या होती है। कुछ देर के बाद लोगों को खुद यह एहसास हो जाता है कि उन्होंने सही नहीं किया है।

2. अकेला न छोड़ें
जब आपको पता चल जाए कि आपका पार्टनर डिप्रेशन की समस्या से जूझ रहा है तो उसे कभी अकेला नहीं छोड़ें। अकेला रहने पर ऐसे लोगों को ज्यादा परेशानी होती है और अगर उनकी समस्या ज्यादा बढ़ी हो तो वे अपना नुकसान कर सकते हैं। इसलिए हमेशा पार्टनर के साथ रहने की कोशिश करें और ऐसी बातें करें जो उत्साह बढ़ाने वाली हों।

3. एडजस्ट करें
डिप्रेशन के शिकार पार्टनर के साथ एडजस्ट कर पाना आसान नहीं होता। उनके साथ कुछ ऐसी समस्या होती है, जिससे वे खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते। कई बार वे लोगों के सवालों का जवाब नहीं देते। चुप्पी साध लेते हैं। खाने-पीने में भी उनकी रुचि घटने लगती है। इसलिए उनके साथ रहने में दिक्कत तो होती है। फिर भी एक पार्टनर का यह दायित्व है कि इस कठिन समय में वह मदद करे। उचित देख-रेख के बाद यह समस्या खत्म हो जाती है।

4. इमोशनल सपोर्ट जरूरी
डिप्रेशन के मरीज को इमोशनल सपोर्ट की जरूरत होती है। यह सपोर्ट उसे पार्टनर से ही मिल सकता है। पार्टनर उसके स्वभाव के हर पहलू से वाकिफ होता है। इसलिए उसे पता होता है कि किस स्थिति में क्या बातें करें। 

5. डॉक्टर के पास ले जाएं
कई बार डिप्रेशन का दौरा ज्यादा गंभीर होता है। तब इस समस्या को दूर करने के लिए दवाइयों और काउंसलिंग की जरूरत हो सकती है। इसलिए डिप्रेशन के शिकार अपने पार्टनर को मनोचिकित्सक के पास ले जाएं। कुछ दवाइयों और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग से यह समस्या दूर हो जाएगी। 

 


 

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