यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिये पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को देर शाम राज्य के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्रियों सहित अन्य वरष्ठि नेताओं की अहम बैठक बुलाई है। शाह गुरुवार देर शाम लखनऊ पहुंचने पर यहां स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे।


लखनऊ: विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha chunav 2022) से पहले कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश की भाजपा सरकार (BJP Government) एक ओर जहां कोविड नियंत्रण (Covid control) के बेहतर प्रबंधन पर फोकस करेगी, वहीं दूसरी ओर संगठन डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग कर चुनाव प्रबंधन करेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार शाम भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में अवध और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के साथ आगामी योजनाओं पर भी मंथन किया गया। अमित शाह (Amit shah) आज अयोध्या (Ayodhya) में एक रैली को संबोधित करेंगे।

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लखनऊ बैठक में शाह ने अवध और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पदाधिकारियों से भाजपा की जन विश्वास यात्रा और सपा की विजय रथ यात्रा का तुलनात्मक फीडबैक लिया। पार्टी के अग्रिम मोर्चों की ओर से एससी, किसान, महिला, युवा, अल्पसंख्यक व पिछड़े वर्गों के बीच हो रहे सम्मेलनों पर भी बात की। शाह ने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी, साध्वी निरंजन ज्योति, कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी से कानपुर क्षेत्र की सीटों पर चुनावी रणनीति के सुझाव लिए। वहीं, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, मुकुट बिहारी वर्मा, आशुतोष टंडन से अवध क्षेत्र की सीटों पर फीडबैक लेने के साथ सुझाव लिए।

बैठक में चुनाव प्रचार के वैकल्पिक तरीकों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच चुनाव पर चिंता जताई गई। पदाधिकारियों ने कोरोना नियंत्रण के बेहतर प्रबंधन, अस्पतालों में इलाज के पर्याप्त इंतजाम, कोरोना की दूसरी लहर में रही कमियों को दूर करने और डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग करने की सलाह दी। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, संगठन प्रभारी राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा और महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी शामिल हुए।

प्रभारी और सह प्रभारियों में बंटेंगे विधानसभा क्षेत्र
तय किया गया कि विधानसभा चुनाव प्रबंधन के लिए कानपुर-बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र में चुनाव सह प्रभारी, संगठन सह प्रभारी और क्षेत्र के प्रभारी महामंत्री को 15 से 20 विधानसभा क्षेत्र आवंटित किए जाएंगे। उन्हें टिकट वितरण से लेकर मतदान तक उन्हीं सीटों पर खास फोकस करना होगा। 

जनवरी में तैयार होगा नामों का पैनल 
विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के लिए जनवरी के पहले सप्ताह में जिलों से हर विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन नामों का पैनल मांगा जाएगा। भाजपा के संगठनात्मक 98 जिले हैं, प्रत्येक जिले में चार से पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। जिले के साथ क्षेत्र से भी उम्मीदवारों का पैनल तैयार कराया जाएगा। जिले और क्षेत्र से मिलने वाले पैनल की समीक्षा के बाद राज्य स्तर पर कोर कमेटी पैनल तैयार करेगी जिसे संसदीय बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा।

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