दरअसल मेरठ शहर में जाम के हालात बेकाबू हो गए हैं। वहीं मंगलवार को कलक्ट्रेट के सामने मंत्री सुरेश खन्ना भी फंस गए। शहर के लोगों को भी दिनभर जगह-जगह मुसीबत झेलनी पड़ी। जीरो माइल से लेकर बेगमपुल तक लंबे जाम से लोगों को जूझना पड़ा।

मेरठ: वैसे तो आम इंसान रोजाना जाम से जूझता है लेकिन तब यह समस्या किसी को समस्या नहीं लगती है। लेकिन इस बार मंत्री जी जब खुद जाम में फंस गए तब यह समस्या बड़ी हो गयी। और फिर क्या था मंत्री जी ने अधिकारियों की क्लाश लगा डाली। 

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कलक्ट्रेट के सामने फंसी मंत्री की गाड़ी
दरअसल मेरठ शहर में जाम के हालात बेकाबू हो गए हैं। वहीं मंगलवार को कलक्ट्रेट के सामने मंत्री सुरेश खन्ना भी फंस गए। शहर के लोगों को भी दिनभर जगह-जगह मुसीबत झेलनी पड़ी। जीरो माइल से लेकर बेगमपुल तक लंबे जाम से लोगों को जूझना पड़ा। इसके साथ ही कचहरी पुल और मेघदूत पुलिया पर भी वाहन रेंगते रहे। बेगमबाग, बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, हापुड़ अड्डा, भूमिया पुल, दिल्ली रोड बहादुर मोटर्स समेत कई जगह जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह यातायात पुलिस भी तैनात थी पर ट्रैफिक बेकाबू ही रहा। जेल चुंगी और तेजगढ़ी चौराहे पर लोग जाम से जूझते रहे। 

बुधवार को शहर में 33 केंद्रों पर 16 हजार अभ्यर्थियों की बीएड प्रवेश परीक्षा है। इनके अभिभावक भी बड़ी संख्या में सड़कों पर होंगे। ऐसे में जाम की समस्या और बढ़ सकती है। पहले यह परीक्षा रविवार को होती रही है। इस बार वर्किंग-डे में प्रवेश परीक्षा होने के चलते यातायात व्यवस्था बिगड़ सकती है। हालांकि यातायात पुलिस का दावा है कि सभी प्रमुख चौराहों पर व्यवस्था की गई है। 

'कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो बात बिगड़ जाएगी'
प्रदेश के वित्त और प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने विकास भवन सभागार में 100 दिन के कार्यों की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों से दो टूक कह दिया कि अगर कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो हमारी आपकी बात बिगड़ जाएगी। हमें सिर्फ कार्य चाहिए और कुछ नहीं। आप अच्छे कपड़े पहनकर बैठक में आए अच्छा है लेकिन काम भी अच्छा होना चाहिए। ऐसा न होने पर हमारे पास सारे विकल्प खुले हैं। इसके बाद नुकसान अधिकारियों का होगा। स्मार्ट सिटी के बारे में बता रहे नगरायुक्त अमित पाल को बीच में टोकते हुए कहा हमारी गाड़ी कचहरी के पास जाम में फंस गई। इस चलते-फिरते अतिक्रमण पर कार्रवाई करिए। पहले चेतावनी दीजिए, इसके तीन दिन बाद अभियान चलाइए। इसके अलावा मंत्री ने जलभराव, विज्ञापन बोर्ड लगे होने पर कड़ी नाराजगी जताई।

मंत्री ने एसएसपी से मांगी कानून व्यव्सथा की रिपोर्ट
नगरायुक्त द्वारा जूनियर इंजीनियर की कमी बताने पर भी मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने जिलाधिकारी दीपक मीणा से तुरंत कहा कि नगर निगम को लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर दिलवाकर अमृत-दो का प्रस्ताव लखनऊ भिजवा दीजिए। हम तुरंत उस पर मुहर लगवा देंगे। अब ये सब बहाना नहीं चलेगा कि इंजीनियर नहीं है। मंत्री ने एसएसपी रोहित सिंह से कानून व्यवस्था की रिपोर्ट मांग ली। एसएसपी ने बताया कि 100 दिनों के अंदर 41 गैंगस्टर की 88 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई और पांच करोड़ रुपये तक की संपत्ति का ध्वस्तीकरण किया गया। मंत्री ने एसएसपी से सीधे कह दिया कि आप नए हैं लेकिन, जब मैं अगली बार आऊंगा तो चेन स्नेचिंग, लूट, वाहन चोरी, वाहन रिकवरी की समीक्षा करूंगा।

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