क्या आपने कभी सोचा है कि कोई ऐसा काम भी हो सकता है जिसमें आपको पूरे साल मेहनत न करनी पड़े, सिर्फ 2 दिन काम करें और बदले में करोड़ों रुपये सैलरी मिल जाएं?
सुनने में यह किसी फिल्मी लगती है, लेकिन हकीकत में ऐसी नौकरी है। दुनिया के कुछ देशों, खासकर अमेरिका में, लोग एक ऐसा काम करते हैं जो बेहद खतरनाक है, लेकिन उसकी कमाई बहुत ज्यादा है।
इस नौकरी को टॉवर क्लाइंबर या टॉवर लैंटर्न चेंजर कहा जाता है। इसमें काम करने वाले लोगों को बेहद ऊंचे टावरों पर चढ़कर उनके ऊपर लगे लाइट्स या बल्ब बदलने होते हैं।
ये टावर कोई आम मोबाइल टावर नहीं होते, बल्कि इनकी ऊंचाई करीब 1500 से 2000 फीट तक होती है। यानी आप जमीन से आधा किलोमीटर ऊपर हवा में काम कर रहे होते हैं।
ऊंचे टावरों की लाइट विमान संकेत के लिए सालभर जलती हैं। समय के साथ रोशनी कमजोर होती है इसलिए इन्हें साल में 1-2 बार बदला जाता है। इसलिए पूरे साल में सिर्फ 2 दिन काम करना पड़ता है।
एक दिन के काम के लिए टॉवर क्लाइंबर को लगभग 40 से 50 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। अगर साल में दो बार काम किया जाए, तो ये कमाई आसानी से एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच जाती है।
मोटी सैलरी का कारण है काम का जोखिम। 2000 फीट की ऊंचाई पर खड़े होकर काम करना आसान नहीं है। टावर हिलता रहता है और लोहे के ढांचे को पकड़कर ऊपर चढ़ना पड़ता है। रेडिएशन का खतरा रहता है।
इस काम के लिए कोई बड़ी डिग्री जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ खास स्किल्स होना जरूरी है। जिसमें टॉवर क्लाइंबिंग की ट्रेनिंग, सेफ्टी सर्टिफिकेशन, ऊंचाई से डर न लगना और शारीरिक फिटनेस।