बॉलीवुड मूवी में हीरो-हीरोइन के अलावा विलेन की मौजूदगी जरुर होती है। इसके बिना कोई फिल्म नहीं बनती, किसी ना किसी रूप में नेगेटिव शेड का किरदार यहां मौजूद रहता है।
70 के दशक में जब गब्बर जैसे मेल विलेन ने कोहराम मचाया हुआ था, ऐसे इरा में खलनायिकाओं ने भी अपना दम दिखाया था। इनके स्क्रीन पर आते ही लोग गालियां देना शुरु कर देते थे।
चेहरा, हावभाव और उसपर ज़बरदस्त एक्टिंग ने ललिता पवार को खूंखार खलनायिका की कैटेगिरी में टॉप पर रखा है। सास, जेठानी और फीमेल विलेन के किरदार में तो उनका कोई मुकाबला ही नहीं था।
श्री420 में मुड़मुड़ के ना देख..गाने में नादिरा,राजकपूर पर भारी पड़ीं थीं। उनकी आंखें, आईब्रो डराने के लिए काफी होती थी। उसपर सिगरेट का कश खींचते होंठ इसे और भी डरावना बना देते थे।
शोल मूवी महबूबा सॉन्ग वाली हेलेन ने कई मूवी में खलनायिका का किरदार निभाया है। बिंदास अंदाज की वजह से अक्सर उन्हें लेडी विलेन का रोल ऑफर हुआ। वे सलमान खान की सौतेली मां हैं।
बेटा समेत कई मूवी में सौतेली मां के खौफनाक इरादों को वे बखूबी पर्दे पर पेश करने में सफल हुई हैं। उनकी ठोड़ी का मसा उन्हें खलनायिका के रूप में खूंखार बना देता है।
70 के दशक में बिंदु को भी खड़ूस सास, बिगड़ैल बहू से लेकर शातिर चालें चलने वाली फीमेल विलेन के रूप में लोग जानते हैं। वे इन किरदारों में जान फूंक देती थी।
कर्ज फिल्म में सिमी ग्रेवाल के नेगेटिव किरदारने दर्शकों में खौफ पैदा कर दिया था। उनकी बोल्डनेस और एक्सप्रेशन उन्हें खलनायिका के किरदार के लिए परफेक्ट शेप देते हैं।