गर्मियों में मटके का ठंडा पानी पीने का मन तो करता होगा? फ्रिज की तुलना में यह सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन लाल या काली मिट्टी के मटके में से कौन सा बेहतर होता है आइए जानें-
लाल मटका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसे टेराकोटा मिट्टी से बनाया जाता है। इसकी मिट्टी में छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिससे पानी धीरे-धीरे रिस कर टपकता है और पानी को ठंडा बनाता है।
काले मटके को काली मिट्टी और धुएं से तैयार किया जाता है। इसकी बनावट ऐसी होती है, जिससे पानी ज्यादा समय तक ठंडा रहता है। इसे कार्बोनाइज्ड क्ले पॉट भी कहा जाता है।
काले मटके की सतह पर शैवाल और बैक्टीरिया जल्दी नहीं पनपते हैं, जिससे पानी लंबे समय तक ताजा बना रहता है। इसमें ज्यादा मिनरल्स पाए जाते हैं और आयुर्वेद में इसे अमृत जल भी कहा जाता है।
अगर आपको जल्दी ठंडा पानी चाहिए, तो लाल मिट्टी से बना मटका बेहतर होता है। लेकिन अगर आपको लंबे समय तक ठंडा पानी बनाए रखना है, तो काला मटका बेहतर होता है।
अगर हेल्थ के अनुसार देखा जाए, तो काले मटके का पानी आयुर्वेद के अनुसार ज्यादा सेहतमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें मिनरल्स और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं।