गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा। इसके जरिए उत्तराखंड तक यात्रा आसान होगी और प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना बरेली जिले में करीब 100 किलोमीटर लंबाई तक विकसित होगी। इसका रूट बहेड़ी और नवाबगंज तहसीलों के 53 गांवों से होकर गुजरेगा।
एनएचएआई की बरेली और मुरादाबाद इकाइयों ने चयनित गांवों का सर्वे पूरा कर लिया है। इससे परियोजना के निर्माण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी मिलने की उम्मीद है।
चयनित गांवों में पहले ही जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जा चुकी है। अब भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसके बाद अधिग्रहण का चरण आएगा।
भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने विशेष समिति गठित की है, जबकि भुगतान वितरण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन संभालेगा।
बहेड़ी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इससे निवेश, रोजगार और स्थानीय व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की संभावना है।
औद्योगिक कॉरिडोर का लाभ केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तराखंड से सीधा संपर्क बनने पर दोनों राज्यों के उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी।
यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, बरेली-नैनीताल, बरेली-मथुरा, बरेली-सितारगंज और दिल्ली-लखनऊ मार्गों को आपस में जोड़ेगा।
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परिवहन के साथ आर्थिक विकास का भी आधार बनेगा। औद्योगिक गलियारों और बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे।