थाईलैंड में दुनिया का सबसे छोटा स्तनधारी पाया जाता है, जिसे बम्बलबी बैट कहते हैं। इसका वजन सिर्फ 2 ग्राम होता है। इसी देश के समुद्र में व्हेल शार्क मिलती है, जो करीब 20 टन वजनी है।
थाईलैंड में 35,000 से ज्यादा मंदिर और श्राइन हैं। यहां की 95% से ज्यादा आबादी बौद्ध धर्म को मानती है, इसलिए हर शहर और गांव में सुंदर और भव्य मंदिर देखने को मिलते हैं।
हर साल 13-15 अप्रैल तक थाईलैंड में सोंगक्रान फेस्टिवल मनाया जाता है। इस दौरान लोग बाल्टी, पाइप और वॉटर गन लेकर सड़कों पर उतर आते हैं। इसे दुनिया की सबसे बड़ी वाटर फाइट कहा जाता है।
बैंकॉक असल में शहर के नाम का छोटा वर्जन है। इसका पूरा नाम 168 अक्षरों का है, जिसे बोलना तो दूर, पढ़ना भी मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि लोग इसे बस बैंकॉक कहकर ही खुश रहते हैं।
1939 से पहले थाईलैंड को 'सियाम' कहा जाता था। कुछ सालों के लिए नाम बदला भी, लेकिन आखिरकार थाईलैंड ही फाइनल हुआ। फेमस Siamese बिल्ली भी इसी देश से दुनियाभर में मशहूर हुई।
थाईलैंड साउथईस्ट एशिया का इकलौता देश है, जिस पर कभी किसी यूरोपीय ताकत ने राज नहीं किया। यही वजह है कि इसे 'Land of the Free' कहा जाता है। थाईलैंड का मतलब आजादी की धरती है।
2019 में करीब 40 मिलियन टूरिस्ट थाईलैंड पहुंचे थे। टूरिज्म यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। महामारी के समय इस सेक्टर को बड़ा झटका लगा, लेकिन अब फिर से देश संभल रहा है।
थाई लोग अपनी मुस्कान और दोस्ताना स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। यहां अजनबी भी ऐसे बात करता है जैसे पुराना दोस्त हो। यही वजह है कि टूरिस्ट थाईलैंड को घूमने के लिए बेस्ट मानते हैं।
थाईलैंड में फूड पाक मंत्रालय के जरिए 28,000 से ज्यादा लोगों को नियमित खाना और जरूरी सामान मिलता है। 2009 में कुछ चर्चों से शुरू हुई यह पहल आज 73 चर्चों तक पहुंच चुकी है।
थाईलैंड के लोपबुरी में हर साल बंदरों के लिए खास फेस्टिवल होता है। हजारों बंदरों के सामने फलों-सब्जियों का पहाड़ लगा दिया जाता है। इंसान यहां खाने नहीं, बल्कि यह नजारा देखने आते हैं