आख़िर कौन हैं 1994 बैच के IPS राकेश अग्रवाल, जिन्हें देश की सबसे अहम आतंकवाद विरोधी एजेंसी NIA की कमान सौंपी गई? क्या उनके अनुभव से आतंक, फंडिंग और कट्टरपंथ पर लगेगी लगाम?
NIA का नया महानिदेशक नियुक्त राकेश अग्रवाल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद पर सरकार का फोकस बेहद अहम माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश कैडर के IPS राकेश अग्रवाल अपने शांत लेकिन सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाली हैं।
सदानंद वसंत डेट के महाराष्ट्र लौटने के बाद राकेश अग्रवाल को NIA DG का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। उनके कामकाज ने सरकार का भरोसा जीता और अब उन्हें स्थायी महानिदेशक बनाया गया है।
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने राकेश अग्रवाल को 31 अगस्त 2028 तक NIA DG बनाए रखने की मंजूरी दी है, जो उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख भी है।
राकेश अग्रवाल को आतंकवाद, आतंकवादी फंडिंग और कट्टरपंथ से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। जटिल राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की जांच में उनकी रणनीतिक समझ उन्हें अलग पहचान देती है।
NIA से पहले राकेश अग्रवाल ने CBI में भी लंबा कार्यकाल बिताया। इसके अलावा, केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकारों में कई संवेदनशील पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक दक्षता साबित की।
राकेश अग्रवाल की नियुक्ति को भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में NIA की भूमिका और अधिक निर्णायक होने की उम्मीद है।