23 जनवरी, गुरुवार को बसंत पंचमी है। इस दिन राशि अनुसार उपाय करने से आपको किस्मत का पूरा-पूरा साथ मिल सकता है। आगे जानिए बसंत पंचमी के राशि अनुसार उपायों के बारे में…
इस राशि के स्वामी मंगल देव हैं। ये लोग देवी सरस्वती को बसंत पंचमी के मौके पर केसरिया भात का भोग लगाएं और लाल फूल अर्पित करें। इससे इन्हें शुभ फल मिलेंगे।
इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है। ये लोग बसंत पंचमी पर माता सरस्वती का अभिषेक गाय के दूध से करें। इससे इनके जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं।
इस राशि का स्वामी ग्रह बुध है। इस राशि वाले देवी सरस्वती को हरे फल का भोग लगाएं और विश्वविजय सरस्वती कवच का पाठ करें। इससे इन्हें लाभ होगा।
इस राशि के देवता चंद्रमा हैं। ये लोग माता सरस्वती को सफेद रंग के फूल चढ़ाएं और मावे की मिठाई का भोग लगाएं। इससे इनके अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं।
इस राशि के स्वामी सूर्यदेव हैं। ये लोग बसंत पंचमी के मौके पर जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री जैसे पेन, किताबें, कॉपियां आदि का दान करें। इससे इन्हें शुभ फल मिलेंगे।
इस राशि के स्वामी बुधदेव यानी बुध ग्रह है। बसंत पंचमी पर ये लोग छोटी कन्याओं को घर बुलाकर भोजन करवाएं और उन्हें हरी चूड़ियां या रूमाल उपहार में दें।
इस राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। ये लोग बसंत पंचमी पर किसी ब्राह्मण को सफेद वस्त्रों का दान करें। साथ ही दक्षिणा भी दें। इससे इनके जीवन में शांति बनी रहेगी।
इस राशि के स्वामी मंगलदेव हैं। ये लोग माता सरस्वती को लाल फूलों की माला पहनाएं और विश्वविजय सरस्वती कवच का पाठ करें। इससे इनके कष्ट दूर होंगे।
इस राशि का स्वामी ग्रह गुरु है। इस राशि के लोग केसरिया भात का भोग देवी सरस्वती को लगाएं और पीले फूलों की माला चढ़ाएं। इससे इनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
इस राशि के स्वामी शनिदेव हैं। ये लोग तिल से बनी चीज का भोग माता सरस्वती को लगाएं और देवी के मंत्रों का जाप 108 बार करें। इससे मनोकामना पूरी होगी।
इस राशि के स्वामी भी शनिदेव ही हैं। ये लोग तिल मिश्रित जल से माता सरस्वती का अभिषेक करें। ड्राय फ्रूट से बनी मिठाई का भोग लगाएं। इससे इन्हें लाभ होगा।
इस राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस राशि के लोग माता सरस्वती को केसर मिश्रित दूध का भोग लगाएं। इससे इनके जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।