Makar Sankranti: इस मकर संक्रांति भूल से भी न खाएं खिचड़ी, जानें वजह
Spiritual Jan 08 2026
Author: Manish Meharele Image Credits:Getty
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मकर संक्रांति 14 जनवरी को
हर बार की तरह इस बार भी मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा है लेकिन इस बार ऐसा करने से बचें। आगे जानिए इसके पीछे की वजह…
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मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा
मकर संक्रांति से जुड़ी अनेक परंपराएं हैं, उन्हीं में से एक है चावल से बनी खिचड़ी खाने की। उत्तर प्रदेश में तो मकर संक्रांति का पर्व खिचड़ी के नाम से ही मनाया जाता है।
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मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं खिचड़ी?
मकर संक्रांति पर दाल, चावल व सब्जियां मिलाकर खिचड़ी बनाई जाती है। इस समय शीत ऋतु होती है। इस मौसम में खिचड़ी का सेवन करने से सेहत ठीक रहती है, ऐसी मान्यता है।
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खिचड़ी दान करने का भी महत्व
मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने का भी विशेष महत्व है। इस दिन लोग कच्चे चावल में दाल मिलाकर जरूरतमंदों को दान करते हैं। कुछ लोग पकी हुई खिचड़ी भी गरीबों को देते हैं।
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इस मकर संक्रांति क्यों न खाएं खिचड़ी?
इस बार मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी का संयोग बन रहा है। हिंदू मान्यताओं को अनुसार एकादशी पर चावल नहीं खाना चाहिए, ऐसा करने से जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं।
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एकादशी पर क्यों नहीं खाते चावल?
चावल में जल तत्व की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण मन में चंचलता आती है जो कईं तरह के विकार पैदा करती है। इसलिए एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही है।