नेशनल 'Do-Not-Call' लिस्ट में रजिस्टर करना पहला और बेसिक स्टेप है। इससे वैलिड टेलीमार्केटिंग कॉल्स काफी हद तक बंद हो जाती हैं। इससे कंपनियां आपको कॉल करना बंद कर देती हैं।
आजकल सभी स्मार्टफोन में स्पैम कॉल डिटेक्शन फीचर होता है। इसे इनेबल करने से 70-80% अनचाही कॉल्स अपने आप ब्लॉक हो जाती हैं। बिना किसी एक्स्ट्रा ऐप ये मजबूत सिक्योरिटी लेयर देता है।
Truecaller, RoboKiller और Nomorobo जैसे ऐप्स संदिग्ध नंबरों को पहचानकर कॉल आने से पहले ही ब्लॉक कर देते हैं। ये ऐप्स लगातार अपडेट होने वाले स्पैम डेटाबेस का यूज करते हैं।
Spokeo, WhitePages जैसी वेबसाइट्स आपकी पर्सनल जानकारी इकट्ठा कर उसे बेचती हैं। इन साइट्स से ऑप्ट-आउट करने पर आपका नंबर गलत हाथों में जाने से बचता है और स्पैम कॉल्स कम हो जाती है।
न कॉल उठाएं, न बटन दबाएं, न मिस्ड कॉल पर वापस कॉल करें। हर इंटरेक्शन स्पैम सिस्टम को हरी झंडी देता है। साइलेंस ही सबसे मजबूत हथियार है।
ऑनलाइन साइन-अप, कॉन्टेस्ट्स या न्यूजलेटर्स के लिए प्राइमरी नंबर देने से बचें। टेंपररी या सेंकेंडरी नंबर इस्तेमाल करने से आपका मेन नंबर सुरक्षित रहता है।
ज्यादातर स्पैम कॉल्स विदेशों से आती हैं। अगर आपको इंटरनेशनल कॉल्स की जरूरत नहीं है, तो उन्हें ब्लॉक कर देना एक स्मार्ट फैसला है।
भारत में DND या टेलीकॉम प्रोवाइडर्स को स्पैम कॉल्स रिपोर्ट करने से अथॉरिटीज को स्कैमर्स को ट्रैक करने में मदद मिलती है। यह लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन है।