प बंगाल के कूचबिहार में हुई चुनावी हिंसा के बाद चुनाव आयोग सख्त नजर आया। चुनाव आयोग ने कूच बिहार में किसी भी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय पार्टी के नेताओं की एंट्री पर 72 घंटे के लिए रोक लगा दी है। इसके अलावा आयोग ने कहा कि  CISF ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। 

कोलकाता. प बंगाल के कूचबिहार में हुई चुनावी हिंसा के बाद चुनाव आयोग सख्त नजर आया। चुनाव आयोग ने कूच बिहार में किसी भी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय पार्टी के नेताओं की एंट्री पर 72 घंटे के लिए रोक लगा दी है। इसके अलावा आयोग ने कहा कि CISF ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। 

दरअसल, प बंगाल में आज चौथे चरण में 44 सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान कूच बिहार के सीतलकुची में हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यहां भीड़ ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। इसके बाद बूथ में घुसने की कोशिश की और जवानों के हथियार छीनने की कोशिश की। इसके बाद सीआईएसएफ को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई।

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चुनाव आयोग ने हिंसा पर क्या कहा? 
चुनाव आयोग ने कहा, मतदान केंद्र पर लाइन में खड़े मतदाताओं, अन्य मतदान कर्मियों और खुद की जान बचाने के लिए CISF के कर्मियों को फायरिंग करना जरूरी हो गया था। इतना ही नहीं भीड़ ने उनके हथियार छीनने का भी प्रयास किया था। 

आयोग ने उठाए बड़े कदम
- चुनाव आयोग ने कूच बिहार में किसी भी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय पार्टी के नेताओं की एंट्री पर 72 घंटे के लिए रोक लगा दी है।
- इसके अलावा कूच बिहार में 5वें चरण में 48 घंटे की बजाय 72 घंटे पहले प्रचार थम जाएगा। 

भाजपा ने ममता पर लगाया उकसाने का आरोप
उधर, भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ममता बनर्जी जैसे-जैसे हारती जा रही हैं, वैसे-वैसे लोगों को उकसा रही हैं। उन्होंने खुलेआम आह्वान किया कि केंद्रीय बल को घेर लो। इसी का परिणाम हुआ कि आज 5-6 लोग मारे गए। ऐसे लोग जो एंटी सोशल हैं, वो कहते हैं TMC के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी ने लोगों को उकसाया, उसके परिणाम है कि आज लोग मर रहे हैं, बंगाल जल रहा है। ममता बनर्जी पर केस होना चाहिए और उन्हें चुनाव प्रचार से बैन करके घर में बंद करना चाहिए।