हाल ही में चीन के दौरे से लौटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की आंखों पर चीनी चश्मा चढ़ गया है। उन्हें चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों पर चीन द्वारा किया जा रहा अत्याचार नहीं दिख रहा है।

वाशिंगटन। हाल ही में चीन के दौरे से लौटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की आंखों पर चीनी चश्मा चढ़ गया है। उन्हें चीन के शिनजियांग (Xinjiang) प्रांत में उइगर मुसलमानों पर चीन द्वारा किया जा रहा अत्याचार नहीं दिख रहा है। चीन में उइगर (Uyghur) मुस्लिम दमन पर आंखें मूंदते हुए इमरान खान ने कहा कि पश्चिमी मीडिया शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की स्थिति को सही तरह चित्रित नहीं करती है।

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सीएनएन को दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा कि चीन में पाकिस्तान के राजदूत मोइनुल हक ने एक्सयूएआर का दौरा किया था और कहा था कि वहां की स्थिति पश्चिमी मीडिया द्वारा सही तरह से चित्रित नहीं की गई है। इमरान खान ने शिनजियांग मुद्दे पर बीजिंग का समर्थन किया और बीजिंग ओलंपिक 2022 के उद्घाटन समारोह के दौरान दक्षिण चीन सागर के साथ-साथ एक-चीन सिद्धांत पर कम्युनिस्ट शासन का भी समर्थन किया।

इमरान ने कहा- कश्मीर की तुलना शिनजियांग से ठीक नहीं
उइगर मुसलमानों के साथ चीन के व्यवहार के बारे में पूछे जाने पर पीएम इमरान खान ने भारत की ओर इशारा किया और कहा कि भारत द्वारा कश्मीर में निर्दोष लोगों का नरसंहार करने की पाकिस्तान की निंदा और शिनजियांग के मुद्दे की तुलना उचित नहीं है। दरअसल, शिनजियांग क्षेत्र में चीन द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप के खिलाफ बीजिंग को इस्लामाबाद का समर्थन ऐसे समय में आया है जब हाल ही में 243 वैश्विक समूहों ने देश में मानवाधिकारों के हनन को लेकर चीन के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया था। 

बीजिंग में इमरान खान और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, "पाकिस्तान पक्ष ने ताइवान, दक्षिण चीन सागर, हांगकांग, शिनजियांग और तिब्बत पर चीन के लिए एक-चीन नीति और समर्थन के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।" इस्लामाबाद ने चीन को एक चीन नीति और दक्षिण चीन सागर से संबंधित मुद्दों पर अपना समर्थन दिया, जिसे पश्चिम बीजिंग द्वारा अपने विस्तारवादी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई मनमानी नियम नीतियों के रूप में देखता है। चीनी पक्ष ने अपनी संप्रभुता, स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा करने के साथ-साथ अपने सामाजिक-आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में पाकिस्तान के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की।

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