Eid-Ul-Fitr 2022: 3 मई को मनाया जाएगा ईद-उल-फितर, क्या आप जानते हैं क्यों मनाते हैं ये उत्सव?

Published : May 03, 2022, 05:45 AM IST
Eid-Ul-Fitr 2022: 3 मई को मनाया जाएगा ईद-उल-फितर, क्या आप जानते हैं क्यों मनाते हैं ये उत्सव?

सार

मुस्लिम धर्म के अनुसार, हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान होता है। मुस्लिम लोग इस महीने में खुदा की इबादत करते हैं और रोजे रखते हैं। इस दौरान वे सुबह से शाम तक कुछ भी खाते-पीते नहीं है। शाम को इफ्तारी के समय ही भोजन करते हैं।

उज्जैन. रमजान (Ramadan 2022) खत्म होने के बाद सव्वाल मास शुरू होता है। इस महीने के पहली रात को जब चांद दिखाई देता है तो इसके अगले दिन ईद-उल-फितर (Eid-Ul-Fitr 2022) का त्योहार मनाया जाता है। इसे मीठी ईद भी कहते हैं। इस बार ये त्योहार 3 मई, मंगलवार को मनाया जाएगा। मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार, इस दिन हजरत मुहम्मद मक्का शहर से मदीना के लिए निकले थे। इस त्योहार से जुड़ी और भी कई खास बातें हैं। इस दिन मुस्लिम समाज के लोग मेहमानों का स्वागत सेवइयां करते हैं। आगे जानिए इस त्योहार से जुड़ी खास बातें…

क्या आप जानते हैं क्यों मनाते हैं ईद?
ईद-उल-फितर का त्योहार हर साल हिजली कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार, मक्का से मोहम्मद पैगंबर के जाने के बाद पवित्र शहर मदीना में ईद-उल-फितर का उत्सव शुरू हुआ। पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी। इस जीत की खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया था, इसी दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बताया है कि उत्सव मनाने के लिए अल्लाह ने कुरान में पहले से ही 2 सबसे पवित्र दिन बताए हैं। जिन्हें ईद-उल-फितर और ईद-उल-जुहा कहा गया है। इस प्रकार ईद मनाने की परंपरा अस्तित्व में आई।

ये हैं ईद-उल-फितर से जुड़ी खास बातें
- मुस्लिम समुदाय के लिए ईद-उल-फितर का त्योहार बेहद खास है। इसे अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का दिन कहा जाता है। ये त्योहार सव्वाल महीने के पहले दिन मनाया जाता है। सव्वाल का अर्थ है, उपवास तोड़ने का त्योहार।
- ईद-उल-फितर का त्योहार सभी धर्मों के लोगों को शांति और सद्भावना का संदेश देता है। ईद पर हर मुस्लिम व्यक्ति चाहे वो धनवान हो या गरीब, सभी एक साथ नमाज पढ़ते हैं और एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं।
- इस्लाम में चैरिटी यानी दान ईद का एक महत्वपूर्ण पहलू है। हर मुसलमान को धन, भोजन और कपड़े के रूप में कुछ न कुछ दान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कुरान में ज़कात को अनिवार्य बताया गया है। इसे हर मुसलमान का फर्ज कहा गया है। 

ये भी पढ़ें-

Parshuram Jayanti 2022 Date, Shubh Muhurat: 3 मई को इस विधि से करें परशुरामजी की पूजा, ये हैं शुभ मुहूर्त


Akshaya Tritiya 2022: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना और उसकी पूजा करना क्यों माना जाता है शुभ?

Akshaya Tritiya 2022: कब है अक्षय तृतीया, इस तिथि को क्यों मानते हैं इतना शुभ? जानिए इससे जुड़ी खास बातें
 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Mahashivratri ki Hardik Shubhkamnaye: शिव सत्य हैं, शिव अनंत हैं... अपनों को भेजें बेस्ट हैप्पी महाशिवरात्रि विशेज
Happy Mahashivratri 2026 Wishes: ओम नमः शिवाय के साथ भेजें भक्ति संदेश