ज्योतिषाचार्य अर्चना सरमंडल के अनुसार, नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 28 सितंबर रात 11.55 से है, जो दूसरे दिन रविवार को पूरे दिन रात 8.15 तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 28 सितंबर को रात 10.03 बजे से है और दूसरे दिन शाम 7.07 तक रहेगा।
उज्जैन. इस बार शारदीय नवरात्रि का आरंभ 29 सितंबर से होगा और समापन 7 अक्टूबर को। इन 9 दिनों में 7 दिन विशेष योग बन रहे हैं। 2 अमृतसिद्धि, 2 सर्वार्थसिद्धि और 3 रवि योग होने से माता की आराधना करने वालों को सफलता मिलेगी। दशहरा 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य अर्चना सरमंडल के अनुसार, नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 28 सितंबर रात 11.55 से है, जो दूसरे दिन रविवार को पूरे दिन रात 8.15 तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 28 सितंबर को रात 10.03 बजे से है और दूसरे दिन शाम 7.07 तक रहेगा।
नवरात्र में किस दिन, कौन-सा योग
30 सितंबर को अमृत सिद्धि
1 अक्टूबर को रवि योग
2 अक्टूबर को अमृत सिद्धि योग
3 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग
4 अक्टूबर को रवि योग
5 अक्टूबर को रवि योग
6 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग
किस दिन देवी की पूजा से क्या फल मिलेगा
पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा से शुभ फल प्राप्त होंगे।
दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा से ज्ञान की प्राप्ति होगी।
तीसरे दिन चंद्रघंटा की पूजा से समस्याओं का अंत होगा।
चौथे दिन कूष्मांडा की उपासना से सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।
पांचवें दिन स्कंदमाता की आराधना से संतान सुख मिलेगा।
छठे दिन देवी कात्यायानी की पूजा से बीमारी और शत्रुओं से मुक्ति मिलेगी।
सातवें दिन कालरात्रि की पूजा करने से मान-सम्मान मिलेगा।
आठवे दिन महागौरी की पूजा से परिवार में सुख मिलेगा।
नवे दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा से हर काम में सफलता मिलेगी।
रवि योग में मनेगा दशहरा
7 अक्टूबर को महानवमी दोपहर 12.38 तक रहेगी। उसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। दशमी तिथि 8 अक्टूबर को दोपहर 2.51 तक रहेगी। उदियात तिथि होने से दशहरे का पर्व 8 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। इस दिन रवि योग भी बन रहा है। इस दिन शमी पूजा करने से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी।
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