
Aaj Ke Shubh Muhurat: 16 अप्रैल 2026, गुरुवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पूरे दिन रहेगी। इस तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं, इसलिए इस दिन इनकी पूजा करनी चाहिए। जिन परिजनों की अकाल मृत्यु हुई है, उनके लिए तर्पण, पिंडदान भी इसी तिथि पर करना चाहिए। गुरुवार को इंद्र, वैधृति, छत्र, मित्र और सर्वार्थसिद्धि नाम के 5 शुभ-अशुभ योग रहेंगे। आगे जानिए 16 अप्रैल को राहुकाल और दिशा शूल की स्थिति…
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गुरुवार को ग्रहों की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इस दिन चंद्रमा बुध, शनि और मंगल मीन राशि में रहकर चतुर्ग्रही योग बनाएंगे। गुरुवार को सूर्य और शुक्र मेष राशि में, राहु कुंभ राशि में, केतु सिंह राशि में और गुरु मिथुन राशि में रहेंगे।
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दिशा शूल के अनुसार, गुरुवार को भूलकर भी दक्षिण दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दही या जीरा मुंह में डाल कर निकलें। ऐसा करने से आप अनेक परेशानियों से बच सकते हैं।
16 अप्रैल, गुरुवार को राहुकाल दोपहर 03 बजकर 35 मिनिट से शुरू होगा जो शाम 05 बजकर 09 मिनिट तक रहेगा। विद्वावनों का कहना है कि राहुकाल के दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए और कोई भी शुभ काम भी नहीं करना चाहिए।
विक्रम संवत- 2083
मास- वैशाख
पक्ष- कृष्ण
दिन- गुरुवार
ऋतु- ग्रीष्म
नक्षत्र- उत्तरा भाद्रपद और रेवती
करण- विष्टि और शकुनि
सूर्योदय - 6:09 AM
सूर्यास्त - 6:44 PM
चन्द्रोदय - Apr 16 4:59 AM
चन्द्रास्त - Apr 16 5:45 PM
सुबह 10:52 से दोपहर 12:26 तक
दोपहर 12:01 से 12:51 तक
दोपहर 12:26 से 02:01 तक
दोपहर 02:01 से 03:35 तक
शाम 06:44 से 08:09 तक
यम गण्ड - 6:09 AM – 7:43 AM
कुलिक - 9:18 AM – 10:52 AM
दुर्मुहूर्त - 10:20 AM – 11:11 AM और 03:22 PM – 04:13 PM
वर्ज्यम् - 01:00 AM – 02:28 AM
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।