
28 October 2026 Shubh Muhurat: 28 अक्टूबर, बुधवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे, जिसे उनकी उच्च राशि माना जाता है। ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति से वरियान, परिघ, सिद्धि, सर्वार्थसिद्धि और शुभ नाम के 5 योग बनेंगे। जानिए बुधवार को राहुकाल कब रहेगा, किस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए और पूजा-पाठ के लिए कौन-से मुहूर्त शुभ रहेंगे।
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बुधवार को चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। वहीं शनि मीन राशि में, सूर्य, बुध और शुक्र तुला राशि में स्थित होंगे। मंगल और गुरु कर्क राशि में रहेंगे, जबकि राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में मौजूद होंगे।
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दिशा शूल की मान्यता के अनुसार, बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि किसी जरूरी काम से इस दिशा में जाना पड़े, तो घर से निकलने से पहले तिल या धनिया खाकर निकलने का उपाय बताया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से यात्रा में आने वाली बाधाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
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बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:10 बजे से 1:34 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इसलिए पूजा-पाठ, शुभ काम या किसी नए काम की शुरुआत के लिए समय तय करते हुए राहुकाल का ध्यान रखें।
दिन: बुधवार
विक्रम संवत: 2083
मास: कार्तिक
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: तृतीया
ऋतु: शरद
नक्षत्र: कृत्तिका और रोहिणी
करण: वणिज और विष्टि
सूर्योदय: सुबह 6:33 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:47 बजे
चंद्रोदय: शाम 7:31 बजे
चंद्रास्त: 29 अक्टूबर, सुबह 9:47 बजे
बुधवार को शुभ कामों के लिए इन समयों पर विचार कर सकते हैं:
सुबह 6:33 बजे से 7:58 बजे तक
सुबह 7:58 बजे से 9:22 बजे तक
सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक
दोपहर 2:59 बजे से शाम 4:23 बजे तक
शाम 4:23 बजे से 5:47 बजे तक
पंचांग के अनुसार, दिन में इन समयों को अशुभ माना गया है। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है।
यम गण्ड: सुबह 7:58 बजे से 9:22 बजे तक
कुलिक काल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
वर्ज्यम्: सुबह 3:56 बजे से 5:23 बजे तक
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।